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उत्तराखण्ड में नई आवास नीति की तैयारी, सचिव–आवास ने की योजनाओं की सघन समीक्षा

By: Naveen Joshi

On: Wednesday, January 28, 2026 10:38 PM

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में उत्तराखण्ड में आवास एवं शहरी विकास से जुड़ी योजनाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से लागू करने के उद्देश्य से निरंतर समीक्षा की जा रही है। इसी क्रम में सचिव–आवास, राज्य संपत्ति तथा आवास एवं शहरी विकास प्राधिकरण के आयुक्त एवं मुख्य प्रशासक डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड आवास एवं शहरी विकास प्राधिकरण (UHUDA) से संबंधित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक सचिव आवास के कॉन्फ्रेंस कक्ष में सम्पन्न हुई।

बैठक में कार्यक्रम प्रबंधक, UHUDA द्वारा प्राधिकरण की स्थापना, संगठनात्मक संरचना, विधिक प्रावधानों, नीतियों, नियम-विनियम तथा वर्तमान में संचालित अवस्थापना विकास कार्यों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। इसमें UHUDA एवं जिला स्तरीय विकास प्राधिकरणों के गठन तथा वर्ष 1973 के अधिनियम के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की जानकारी साझा की गई।

समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 एवं 2.0 की प्रगति पर विशेष चर्चा की गई। सचिव–आवास ने निर्माण, स्वीकृति एवं आवंटन से जुड़े कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि शहरी क्षेत्रों में पात्र लाभार्थियों को समय पर आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

डॉ. आर. राजेश कुमार ने राज्य के लिए एक नई आवास नीति तैयार करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि वर्ष 2017 में जारी उत्तराखण्ड आवास नीति की वैधता समाप्त हो चुकी है। नई नीति में किफायती आवास, शहरीकरण की चुनौतियाँ, पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियाँ तथा सतत विकास को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 की समीक्षा के दौरान देहरादून–मसूरी विकास प्राधिकरण (MDDA) को लॉटिंग एवं आवंटन की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने तथा हरिद्वार–रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) को लंबित विकास कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही एनपीएमसी के अंतर्गत योजना से संबंधित सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा सितम्बर 2026 तक पूरा करने पर जोर दिया गया।

बैठक में कैरिंग कैपेसिटी असेसमेंट स्टडी के लिए तैयार ड्राफ्ट आरएफपी पर भी चर्चा की गई। सचिव–आवास ने इसे चारधाम क्षेत्रों, प्रमुख नगरों एवं अन्य संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए पर्यावरणीय संतुलन के अनुरूप विकास सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में आगामी समीक्षा के लिए रोडमैप भी तय किया गया, जिसमें पीएमयू टीम का परिचय, प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति तथा विभिन्न ड्राफ्ट नीतियों एवं आरएफपी की विस्तृत समीक्षा शामिल है।

बैठक में संयुक्त मुख्य प्रशासक UHUDA, पीएमयू टीम, विशेष सचिव आवास एवं शहरी विकास, निदेशक/उप सचिव आवास रजनीश जैन, अपर सचिव राहुल सुन्द्रियाल, संयुक्त मुख्य प्रशासक दिनेश प्रताप सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सचिव–आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि राज्य में आवास एवं शहरी विकास से जुड़ी सभी योजनाओं को पारदर्शी, जनहितैषी एवं समयबद्ध ढंग से लागू किया जा रहा है। नई आवास नीति और कैरिंग कैपेसिटी अध्ययन के माध्यम से उत्तराखण्ड में संतुलित, सुरक्षित एवं सतत विकास को मजबूती दी जाएगी।

 

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Naveen Joshi

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