देहरादून । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के महाराणा प्रताप नगर (दक्षिण भाग )द्वारा एक भव्य एवं अनुशासित पथ संचलन निकाला गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्वयंसेवक पारंपरिक गणवेश—सफेद शर्ट, खाकी पैंट, काले जूते और काली टोपी—धारण कर कदम से कदम मिलाकर चलते नजर आए।
पथ संचलन का शुभारंभ संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति में हुआ। संचलन की शुरुआत क्षेत्र के प्रमुख स्थल से हुई और यह विभिन्न मार्गों से होते हुए अपने निर्धारित गंतव्य पर पहुंचा। पूरे आयोजन के दौरान स्वयंसेवकों ने अनुशासन और एकता का परिचय दिया। क्षेत्र में राष्ट्रभक्ति और सामाजिक समरसता का माहौल बना दिया।

पथ संचलन के दौरान नगर के विभिन्न स्थानों पर स्थानीय नागरिकों ने स्वयंसेवकों का गर्मजोशी से स्वागत किया। अनेक स्थानों पर लोगों ने स्वयंसेवकों पर पुष्प वर्षा की और ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ तथा ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से माहौल को गूंजायमान कर दिया। कई स्थानों पर समाज के गणमान्य नागरिकों ने भी पथ संचलन में भाग लेने वाले स्वयंसेवकों का अभिनंदन किया
स्वयंसेवक संघ के इस पथ संचलन का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना था। संघ का मानना है कि समाज में जागरूकता और संगठन की भावना से ही राष्ट्र को सशक्त बनाया जा सकता है।
भव्य आयोजन में युवा, वृद्ध और बाल स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सभी ने पूरे जोश और अनुशासन के साथ इस पथ संचलन में भागीदारी निभाई। स्थानीय लोग भी इस आयोजन से प्रभावित हुए और उन्होंने संघ की इस पहल को सराहा।

स्वयंसेवक संघ द्वारा निकाला गया यह पथ संचलन समाज में अनुशासन, एकता और राष्ट्रभक्ति की भावना को और अधिक मजबूत करने का माध्यम बना। इस आयोजन से जहां स्वयंसेवकों में संगठनात्मक शक्ति और आत्मविश्वास बढ़ा, वहीं क्षेत्रवासी ने भी इसमें बढ़-चढ़कर भाग लिया ।
