देहरादून/नई दिल्ली: घरेलू LPG सिलेंडर को लेकर आम उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। मार्च में घबराहट के चलते जहां गैस सिलेंडर की बुकिंग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी, वहीं अप्रैल 2026 में इसमें बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार देशभर में गैस की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और स्थिति अब नियंत्रण में है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल में रोजाना LPG रिफिल बुकिंग घटकर करीब 43 से 44 लाख रह गई है, जबकि मार्च के मध्य में यह आंकड़ा लगभग 89 लाख प्रतिदिन तक पहुंच गया था। यानी मांग में लगभग आधी कमी आई है। सरकारी डेटा के अनुसार 3 अप्रैल के बाद से बुकिंग लगातार 50 लाख से नीचे बनी हुई है और 12 अप्रैल को यह घटकर करीब 35 लाख तक पहुंच गई।
बुकिंग में गिरावट के बावजूद तेल कंपनियों ने सप्लाई को मजबूत बनाए रखा। हर दिन औसतन 50 लाख सिलेंडर की डिलीवरी की जा रही है। 1 अप्रैल से 14 अप्रैल के बीच कुल 658 लाख सिलेंडर की बुकिंग हुई, जबकि 652 लाख सिलेंडर उपभोक्ताओं तक पहुंचाए गए। हालांकि रविवार को डिलीवरी कुछ कम होकर 30.7 लाख सिलेंडर रही।
दरअसल, मार्च में पश्चिम एशिया में तनाव और हार्मुज जलडमरूमध्य बंद होने की अफवाहों के चलते लोगों में घबराहट फैल गई थी। इसके कारण LPG बुकिंग अचानक सामान्य 55–57 लाख से बढ़कर 13 मार्च को 88.8 लाख तक पहुंच गई थी। हालात को संभालने के लिए सरकार ने बुकिंग अंतराल 15 दिन से बढ़ाकर पहले 21 दिन और बाद में 25 दिन कर दिया था।
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि LPG बुकिंग में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और औसतन यह 50 से 55 लाख प्रतिदिन रहती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में कहीं भी गैस की कमी नहीं है और सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।
कुल मिलाकर, LPG बुकिंग में आई गिरावट यह दर्शाती है कि बाजार में पैनिक खत्म हो चुका है और मांग अब सामान्य स्तर पर लौट रही है। सरकार और तेल कंपनियों के समय पर उठाए गए कदमों से सप्लाई चेन स्थिर बनी हुई है।
