देहरादून, ग्राफिक एरा में विशेषज्ञों ने शिक्षकों और छात्र-छात्राओं से आतिथ्य प्रबंधन के क्षेत्र में शोध करने का आह्वान किया।
ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में आतिथ्य शिक्षा और अनुसंधान में नवीन अभ्यास और रूझान विषय पर सात दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय फैकेल्टी डेवलपमेण्ट प्रोग्राम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के समापन सत्र को गढ़वाल मण्डल विकास निगम के प्रबन्ध निदेशक विशाल मिश्रा, आई.ए.एस. ने मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुए कहा कि आतिथ्य प्रबंधन के क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों का अत्याधिक इस्तेमाल होता है, ऐसे में जरूरी है कि कुछ ऐसे व्यंजनों को बनाया जाये जिनमें संसाधनों का कम उपयोग हो और वे स्वादिष्ट भी हों। उन्होंने बताया कि आतिथ्य प्रबंधन के क्षेत्र में बहुत जरूरी है कि शोध किए जायें ताकि इन क्षेत्रों में जो समस्याएं हैं उनका समाधान निकाला जा सके। विशाल मिश्रा ने बताया कि पिछले कुछ सालों से टूरिज्म क्षेत्र में काफी बढ़ोतरी हुई है। लोग देश-विदेश से देवभूमि में घूमने आ रहे हैं। इसके बेहतर टूरिज्म के लिए अच्छा प्रबंधन का होना जरूरी है। इसके लिए उन्होंने युवाओं से आगे आकर कमान संभालने को कहा। उत्तराखण्ड टूरिज्म डेवलपमेण्ट बोर्ड की अपर निदेशक पूनम चंद ने स्लाइड्स के जरिए उत्तराखण्ड की संस्कृति, धर्मस्थलों, खान-पान और आतिथ्य प्रबंधनों के विषयांे पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर विशेषज्ञों और प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए। कार्यक्रम का आयोजन डिपार्टमेण्ट आॅफ हाॅस्पिटैलिटी मैनेजमेण्ट ने एकेडमिक एण्ड एडमिनिस्ट्रेटिव डेवलपमेण्ट सेंटर्स के सहयोग से किया। कार्यक्रम में प्रो-वाईस चांसलर डा. संतोष एस. सर्राफ, हाॅस्पिटैलिटी मैनेजमेण्ट के एचओडी प्रो. अमर प्रकाश डबराल, प्रो. सचिन घई, प्रो. राकेश दानी, डा. रवीश कुकरेती, आकाश रावत और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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