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मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा, आमजन को परेशानी न होने के दिए निर्देश

By: Naveen Joshi

On: Thursday, May 7, 2026 5:12 PM

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देहरादून ,आगामी मानसून सीजन को देखते हुए राज्य सरकार ने तैयारियों को लेकर सभी विभागों को सतर्क कर दिया है। गुरुवार को सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने विभागों एवं जनपदों की मानसून पूर्व तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि आगामी कुछ महीने संवेदनशील एवं चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। वर्तमान में चारधाम यात्रा भी संचालित है, ऐसे में सभी रेखीय विभागों को 24×7 अलर्ट मोड पर कार्य करना होगा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि मानसून शुरू होने से पहले सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करते हुए क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत पूरी कर ली जाए।

उन्होंने बिजली एवं पेयजल विभाग को विद्युत लाइनों, ट्रांसफार्मरों और पेयजल लाइनों की पूर्व मरम्मत एवं रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि मानसून के दौरान बिजली और पानी की आपूर्ति लंबे समय तक बाधित न हो। वहीं, शहरी विकास विभाग, नगर निकायों और जिलाधिकारियों को नालों एवं नालियों की नियमित सफाई कराने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने स्पष्ट कहा कि जलभराव की स्थिति किसी भी दशा में उत्पन्न नहीं होनी चाहिए तथा नदी-नालों के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा बनने वाले अतिक्रमण हटाए जाएं।

उन्होंने नदी तटीय क्षेत्रों की संवेदनशीलता को देखते हुए नदियों के चैनलाइजेशन पर विशेष जोर देते हुए आरबीएम हटाने के निर्देश दिए, ताकि नदी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित न हो और कटाव से आबादी व आधारभूत ढांचे को नुकसान न पहुंचे। साथ ही संवेदनशील स्थलों पर जेसीबी मशीनों की अग्रिम तैनाती तथा बैली ब्रिज का पर्याप्त भंडारण रखने को कहा। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में नाव एवं बोट की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है तथा मानसून अवधि के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।

आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडारण रखने के निर्देश

मुख्य सचिव ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को गैस, राशन, खाद्यान्न, डीजल और पेट्रोल सहित आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में राहत एवं खाद्य सामग्री के वितरण के लिए पूर्व से विस्तृत रणनीति तैयार की जाए, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों तक त्वरित सहायता पहुंचाई जा सके।

स्वास्थ्य विभाग को मानसून के दौरान संभावित संक्रामक एवं जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही फॉगिंग अभियान चलाने और स्वास्थ्य सेवाओं को अलर्ट मोड में रखने को कहा गया। आपातकालीन परिस्थितियों के लिए हेली एम्बुलेंस सेवाओं को भी तैयार रखने के निर्देश दिए गए।

हाइड्रोमेट सेंसर और सेटेलाइट फोन की नियमित टेस्टिंग के निर्देश

मुख्य सचिव ने हाइड्रोमेट सिस्टम, सेंसर और सेटेलाइट फोन की नियमित जांच सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि मौसम संबंधी चेतावनियां और अलर्ट आमजन तक समय पर पहुंचना बेहद जरूरी है। इसके लिए सचेत एप और सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया गया।

फेक वीडियो प्रसारित करने वालों पर होगी कार्रवाई

मुख्य सचिव ने आपदा संबंधी फर्जी एवं भ्रामक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में आपदा प्रबंधन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।

राज्य में सक्रिय हैं 525 हाइड्रोमेट सेंसर

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राज्य में वर्तमान में 525 हाइड्रोमेट सेंसर सक्रिय हैं, जिनके माध्यम से संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में फिलहाल 03 डॉप्लर वेदर रडार संचालित हैं तथा 03 अतिरिक्त डॉप्लर रडार स्थापित किए जाने प्रस्तावित हैं। इसके अलावा Pithoragarh में आरएसआरडब्ल्यू प्रणाली स्थापित किए जाने की योजना है, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का अधिक सटीक पूर्वानुमान मिल सकेगा।

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