देहरादून/नई दिल्ली, ग्राम्य विकास विभाग, उत्तराखण्ड को हाउस ऑफ हिमालयाज तथा मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना–रूरल बिजनेस इन्क्यूबेटर के सफल क्रियान्वयन के लिए स्कॉच अवार्ड–2025 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान 20 सितम्बर 2025 को इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया।
स्कॉच अवार्ड भारत में सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए किए गए अभिनव प्रयासों को मान्यता प्रदान करने वाला प्रतिष्ठित पुरस्कार है। इस बार उत्तराखण्ड के ग्राम्य विकास विभाग को समुदाय–केन्द्रित विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए चुना गया।
हाउस ऑफ हिमालयाज पहल के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय किसानों के उत्पादों को ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग की सुविधा दी जा रही है। इस पहल से उत्तराखण्ड के पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है और ग्रामीण समुदाय की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
वहीं, मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत राज्य के युवाओं को स्वरोज़गार और प्रशिक्षण के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। इस योजना से ग्रामीण युवाओं को आधुनिक तकनीकी, उद्यमशीलता और व्यवसायिक प्रबंधन का प्रशिक्षण उपलब्ध हुआ है, जिससे स्वरोज़गार को बढ़ावा और पलायन पर अंकुश लगाने में मदद मिली है।
यह सम्मान ग्राम्य विकास विभाग की परियोजना समन्वयक एवं अपर सचिव झरना कमठान ने प्राप्त किया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. प्रमोद बेनीवाल, गोविन्द धामी, गुलजारन कुमार तथा हाउस ऑफ हिमालयाज से प्रेरणा ध्यानी भी उपस्थित रहे।
