मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सिर पर कलश धारण कर दिया सामाजिक समरसता का संदेश, बोले— श्रेष्ठ कर्म और मानव सेवा ही मनुष्य को महान बनाते हैं
देहरादून/भगवानपुर (हरिद्वार), संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के पावन अवसर पर भगवानपुर का वातावरण श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता के दिव्य संदेश से अनुप्राणित हो उठा। चुड़ियाला स्थित संत रविदास मंदिर से वैदिक मंत्रोच्चार, जयघोष और भक्ति भाव के बीच निकली भव्य कलश बंधन महारैली के साथ प्रदेशव्यापी समरसता संकल्प अभियान का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया और स्वयं सिर पर कलश धारण कर यात्रा का नेतृत्व करते हुए समाज को समरसता, सेवा और समानता का प्रेरक संदेश दिया।
सीएमडी इंटर कॉलेज में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में कलश मंगल, शुभारंभ और समृद्धि का प्रतीक है। यह अभियान केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि संत गुरु रविदास जी के समरसता, समानता और मानवता के अमर संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का पावन संकल्प है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि संत रविदास जी ने सामाजिक विषमताओं के कठिन दौर में प्रेम, करुणा और समानता का दीप प्रज्वलित किया। उन्होंने कहा कि “मनुष्य जन्म से नहीं, बल्कि अपने श्रेष्ठ कर्मों, सेवा, सदाचार और मानवता के प्रति समर्पण से महान बनता है।” जब तक समाज से भेदभाव समाप्त नहीं होगा, तब तक समरस और सशक्त राष्ट्र की परिकल्पना पूर्ण नहीं हो सकती।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र को आत्मसात करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंचा रही है। उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाएं संत रविदास जी के समरस समाज के स्वप्न को साकार करने की दिशा में प्रभावी कदम हैं।
मुख्यमंत्री ने भगवानपुर क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि बहादुरपुर-सोनाली क्षेत्र में लगभग 12 करोड़ रुपये की बाढ़ सुरक्षा परियोजना, 3 करोड़ रुपये की लागत से झील का सौंदर्यीकरण, 49 करोड़ रुपये से आधुनिक विद्यालय का निर्माण, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट की स्थापना तथा 8 करोड़ रुपये की लागत से नवीन तहसील भवन का निर्माण कराया गया है। साथ ही सड़कों, संपर्क मार्गों, सीसी रोड और हाईमास्ट लाइट जैसी अनेक विकास योजनाओं से क्षेत्र का स्वरूप बदला है।
कैबिनेट मंत्री खजान दास ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संतों और महापुरुषों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का ऐतिहासिक कार्य किया है। उन्होंने बताया कि काशी स्थित संत रविदास जी की जन्मस्थली गोवर्धनपुर की पावन मिट्टी को देशभर में कलश यात्राओं के माध्यम से पहुंचाकर समरसता का संदेश प्रसारित किया जा रहा है।
स्वामी निर्मलदास जी ने कहा कि मनुष्य को सदैव परमात्मा के बताए मार्ग पर चलना चाहिए, क्योंकि कर्म ही उसके जीवन का वास्तविक आधार हैं। उन्होंने प्रदेश के विकास और समाज में समरसता स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री धामी के प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश के सभी भाजपा जिलाध्यक्षों को कलश प्रदान कर समरसता संकल्प यात्रा को उत्तराखंड के प्रत्येक जिले तक पहुंचाने का आह्वान किया। भक्ति, श्रद्धा और सामाजिक एकता के वातावरण में संपन्न यह आयोजन संत रविदास जी के संदेश—”मानवता ही सर्वोच्च धर्म है”—को जन-जन तक पहुंचाने का प्रेरक माध्यम बना।









