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उफनती नदी में फंसे 50 अधिक श्रद्धालु, एसडीआरएफ ने बचाई जान

By: Naveen Joshi

On: Sunday, May 31, 2026 4:10 PM

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देहरादून/चम्पावत,  रीठा साहिब गुरुद्वारा में आयोजित प्रसिद्ध जोड़ मेले के दौरान एसडीआरएफ उत्तराखण्ड की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से उफनती धारा के बीच फंसे 50 से अधिक श्रद्धालुओं को एसडीआरएफ टीम ने सुरक्षित बाहर निकालकर उनकी जान बचाई।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़, मौसम की संवेदनशील परिस्थितियों और संभावित आपदा जोखिमों को देखते हुए सेनानायक एसडीआरएफ उत्तराखण्ड अर्पण यदुवंशी के निर्देश पर एसडीआरएफ की टीम को पहले से ही मेला क्षेत्र में तैनात किया गया था। यह अग्रिम तैनाती आपदा की स्थिति में बेहद कारगर साबित हुई।

जानकारी के अनुसार, रविवार को लदिया और रतिया नदियों के संगम क्षेत्र स्थित कुंड में बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान कर गुरुद्वारा साहिब के दर्शन के लिए आ-जा रहे थे। इसी दौरान क्षेत्र में हुई बारिश के कारण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे लगभग 50 से 60 श्रद्धालु नदी के बीच फंस गए। तेज बहाव के चलते कई वाहन भी पानी में फंस गए और मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जोड़ मेले में तैनात एसडीआरएफ टीम उपनिरीक्षक दीपक सामंत के नेतृत्व में तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। तेज बहाव और लगातार बढ़ते जलस्तर जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद टीम ने साहस और कुशलता का परिचय देते हुए सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित नदी पार कराया। साथ ही नदी क्षेत्र में फंसे वाहनों को भी सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में सहायता प्रदान की गई।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और ट्रैफिक पुलिस भी मौके पर पहुंची। दोनों ओर बैरियर लगाकर लोगों की आवाजाही नियंत्रित की गई तथा अन्य श्रद्धालुओं को नदी क्षेत्र में जाने से रोका गया। एसडीआरएफ, पुलिस और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

घटना की जानकारी मिलने पर सेनानायक एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी ने टीम के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि भीड़भाड़ और मौसम की संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए की गई अग्रिम तैनाती का उद्देश्य ऐसी आपात स्थितियों में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना था। उन्होंने बचाव दल के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और पेशेवर दक्षता की प्रशंसा करते हुए सभी कार्मिकों का उत्साहवर्धन किया।

प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा को देखते हुए सेनानायक ने सभी एसडीआरएफ इकाइयों को उच्च सतर्कता बनाए रखने, संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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