दुर्गम परिस्थितियों में ऑक्सीजन, दवा और रेस्क्यू के जरिए बनी जीवनरेखा
केदारनाथ। चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ–लिंचोली मार्ग पर तैनात SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीमें विपरीत परिस्थितियों में भी श्रद्धालुओं के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही हैं। दुर्गम पहाड़ी रास्तों, तीव्र ठंड, कम वायुदाब और ऑक्सीजन की कमी जैसी चुनौतियों के बीच जवान लगातार राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हैं।
सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी के नेतृत्व में टीमों ने यात्रा शुरू होने के बाद से केदारनाथ क्षेत्र में करीब 65 श्रद्धालुओं को ऑक्सीजन उपलब्ध कराई। वहीं 40 से अधिक यात्रियों को दवाइयां दी गईं और गंभीर रूप से बीमार 8 लोगों को समय रहते हेलीकॉप्टर के माध्यम से एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इसके अलावा 35 से अधिक यात्रियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनकी निगरानी की गई।
लिंचोली क्षेत्र में भी SDRF की मुस्तैदी जारी है। यहां 85 से अधिक श्रद्धालुओं को ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया, जबकि 200 से ज्यादा लोगों को दवाइयां वितरित की गईं। साथ ही 70 से अधिक यात्रियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
रेस्क्यू अभियानों में भी SDRF ने उल्लेखनीय कार्य किया है। केदारनाथ क्षेत्र में 70 से अधिक और लिंचोली में 30 से अधिक श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला गया। खड़ी चट्टानों, फिसलन भरे रास्तों और खराब मौसम के बावजूद टीमों ने त्वरित कार्रवाई कर इन अभियानों को सफल बनाया।
आपात स्थितियों से निपटने के लिए SDRF आधुनिक उपकरणों जैसे स्ट्रेचर, रोप, स्प्लिंट, ब्लड प्रेशर मॉनिटर, पल्स ऑक्सीमीटर और पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर का उपयोग कर रही है, जिससे समय पर राहत पहुंचाना संभव हो रहा है।
सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने कहा कि SDRF की टीमें हर परिस्थिति में तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सहायता के लिए पूरी तरह समर्पित हैं तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया उनकी प्राथमिकता है।





