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न कोई अपना था, न सहारा—फिर भी सजी डोली, इंसानियत के सहारे

By: Naveen Joshi

On: Sunday, May 3, 2026 2:36 PM

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देवप्रयाग/बडियार गढ़: मानवता और सामाजिक सरोकारों की मिसाल पेश करते हुए रुक्मणी उत्कर्ष फाउंडेशन के संस्थापक सुरेंद्र सिंह रावत ने एक बार फिर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई है। उन्होंने एक निर्धन और बेसहारा कन्या की सहायता कर उसके विवाह में सहयोग प्रदान किया।

देवप्रयाग विधानसभा के अंतर्गत बडियार गढ़ क्षेत्र की निवासी मोनिका, जिनके सिर से माता-पिता का साया उठ चुका है, का विवाह आगामी 7 मई को निर्धारित है। आर्थिक तंगी के चलते विवाह की तैयारियों में कठिनाई आ रही थी। ऐसे में रविवार को भारी बारिश के बावजूद सुरेंद्र सिंह रावत स्वयं उनके घर पहुंचे और बड़े भाई का दायित्व निभाते हुए मोनिका को विवाह सहायता स्वरूप ₹31,000 का चेक भेंट किया।

सामाजिक सेवा के प्रति प्रतिबद्धता

यह पहला अवसर नहीं है जब सुरेंद्र सिंह रावत ने किसी जरूरतमंद की सहायता की हो। उनकी संस्था पूर्व में भी क्षेत्र में कई सामाजिक कार्य कर चुकी है। हाल ही में उन्होंने एक अन्य अनाथ बालिका रचिता की शिक्षा और पालन-पोषण की जिम्मेदारी उठाते हुए उसे गोद लिया था। उनका मानना है कि समाज के वंचित वर्ग की सहायता करना ही सच्ची सेवा है।

भावुक हुई मोनिका, जताया आभार

आर्थिक सहायता प्राप्त कर मोनिका भावुक हो उठीं। उन्होंने कहा, “मेरे माता-पिता इस दुनिया में नहीं हैं और अपनी शादी को लेकर मैं बेहद चिंतित थी। लेकिन आज सुरेंद्र भैया ने जिस तरह से मेरी मदद की, उससे मुझे महसूस हुआ कि मेरा भी एक बड़ा भाई है जो मेरे साथ खड़ा है।” उन्होंने सुरेंद्र सिंह रावत और उनकी संस्था का तहे दिल से आभार व्यक्त किया।

सुरेंद्र सिंह रावत के इस मानवीय कार्य की बडियार गढ़ सहित पूरे देवप्रयाग क्षेत्र में सराहना की जा रही है। स्थानीय लोगों ने इसे प्रेरणादायक पहल बताते हुए कहा कि इस तरह के कार्य समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं।

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