देहरादून: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले के बाद देशभर में तीर्थ स्थलों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसको देखते हुए उत्तराखंड पुलिस ने आगामी चारधाम यात्रा के दौरान सुरक्षा प्रबंधों को और कड़ा कर दिया है। इस बार पंजीकरण प्रणाली की जांच में खास सतर्कता बरती जाएगी, ताकि फर्जी या बदले हुए पंजीकरण के जरिये यात्रा करने वालों पर लगाम लगाई जा सके। अब पुलिस भी करेगी पंजीकरण की जांच
पहले तक तीर्थयात्रियों के पंजीकरण की जांच केवल पर्यटन विभाग करता था। लेकिन अब चारधाम ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भी तीर्थयात्रियों का पंजीकरण चेक करेंगे। यह कदम इसलिए जरूरी माना जा रहा है क्योंकि पिछले वर्षों में शिकायतें मिली थीं कि कुछ लोग दूसरों के पंजीकरण को एडिट कर, नाम और यूनिक नंबर बदलकर यात्रा कर लेते हैं।
पर्यटन मित्र ऐप’ करेगा फर्जीवाड़े की पहचान
उत्तराखंड पर्यटन विभाग एक विशेष मोबाइल ऐप ‘पर्यटन मित्र’ तैयार कर रहा है, जो फर्जी पंजीकरण की पहचान में मदद करेगा। इस ऐप को पहले चरण में 110 पुलिसकर्मियों के मोबाइल में इंस्टॉल किया जाएगा, जो चारों धामों (केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री) में ड्यूटी पर तैनात रहेंगे।
चारधाम यात्रा के रूट पर विभिन्न चेकिंग प्वाइंट्स बनाए जा रहे हैं, जहां पर तैनात पुलिसकर्मी यात्रियों के QR कोड या यूनिक पंजीकरण नंबर को स्कैन कर उसकी वैधता की जांच करेंगे। यदि किसी यात्री का पंजीकरण संदिग्ध पाया जाता है, तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
चारधाम यात्रा की निगरानी के लिए राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसके नोडल अधिकारी लोकजीत सिंह ने बताया कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से सभी जरूरी उपाय किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया
चारधाम यात्रा में शामिल होने वाले तीर्थयात्रियों को अब और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। यात्रा से पहले पंजीकरण कराना अनिवार्य है और अब उसका सत्यापन हर स्तर पर होगा। यह कदम यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा परिवर्तन साबित हो सकता है।
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