देहरादून/ऋषिकेश,भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, स्वच्छता पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड द्वारा दिनांक 16 मई से 31 मई 2025 तक अपने कॉर्पोरेट कार्यालय, समस्त परियोजना स्थलों, इकाइयों एवं क्षेत्रीय कार्यालयों में विभिन्न स्वच्छता जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को टीएचडीसी हाईस्कूल, ऋषिकेश में जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एकदिवसीय चित्रकला, निबंध एवं नारा लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। साथ ही, छात्राओं के लिए मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, आर. के. विश्वोई ने इस अवसर पर कहा,
“स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, यह हमारी जीवनशैली और सोच का प्रतिबिंब है। यदि हम बच्चों और युवाओं में प्रारंभ से ही स्वच्छता के प्रति जागरूकता उत्पन्न करें, तो एक स्वच्छ, स्वस्थ एवं जागरूक भारत की दिशा में सशक्त कदम बढ़ाए जा सकते हैं। आज विद्यालय में आयोजित रचनात्मक गतिविधियां, जैसे कि चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिता, इसी दिशा में एक सकारात्मक पहल हैं। इससे भावी पीढ़ी को स्वच्छता के महत्व से जुड़ने का अवसर मिलता है।”
कार्यक्रम के दौरान निदेशक (कार्मिक), शैलेंद्र सिंह ने कहा,
“जब स्वच्छता की भावना व्यवहार में परिणत होती है, तभी उसका वास्तविक प्रभाव सामने आता है। आज आयोजित मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता सत्र न केवल स्वास्थ्य के प्रति सजगता उत्पन्न करने वाला रहा, बल्कि इसने यह भी दर्शाया कि स्वच्छता हर व्यक्ति की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। इन प्रयासों से यह सुनिश्चित होता है कि हमारी सोच समावेशी हो और स्वच्छता हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन जाए। टीएचडीसी इस दिशा में निरंतर प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है।”
प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की उत्साही भागीदारी देखने को मिली:
चित्रकला प्रतियोगिता: कक्षा 9 व 10
निबंध प्रतियोगिता: कक्षा 7 व 8
नारा लेखन प्रतियोगिता: कक्षा 5 व 6
इन प्रतियोगिताओं में कुल 60 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ टीएचडीसी के वरिष्ठ प्रबंधक डॉ. मनोज रांगड़ द्वारा किया गया, जिन्होंने विद्यार्थियों को स्वच्छता के महत्व से अवगत कराते हुए उन्हें अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने हेतु प्रेरित किया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत चित्रों, नारों एवं निबंधों में उनकी रचनात्मकता के साथ-साथ स्वच्छता के प्रति गंभीर जागरूकता भी परिलक्षित हुई।
मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता सत्र में कक्षा 6 से 10 तक की लगभग 125 छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन टीएचडीसी निरामय की डॉ. मानसी एवं वरिष्ठ प्रबंधक डॉ. मनोज रांगड़ द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। डॉ. मानसी ने छात्राओं को मासिक धर्म से जुड़ी सामान्य भ्रांतियों, स्वच्छता बनाए रखने के उपायों तथा व्यक्तिगत स्वास्थ्य की देखभाल पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि व्यक्तिगत स्वच्छता आत्म-सम्मान एवं आत्म-विश्वास को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
सत्र के समापन पर डॉ. मानसी एवं प्रबंधक अनामिका बुड़ाकोटी द्वारा प्रत्येक छात्रा को दो-दो पैकेट सेनेटरी पैड वितरित किए गए, जिससे उन्हें मासिक धर्म के दौरान बेहतर स्वच्छता बनाए रखने में सहायता मिल सके।
कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्या गीता कोठियाल, प्रबंधक अनामिका बुड़ाकोटी, उप प्रबंधक महक शर्मा, सहायक प्रबंधक प्रदीप घिल्डियाल सहित टीएचडीसी एवं विद्यालय के अनेक अधिकारी एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड द्वारा स्वच्छता पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत आयोजित यह रचनात्मक एवं जागरूकता परक कार्यक्रम इस बात का प्रमाण हैं कि स्वच्छता केवल एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की साझा जिम्मेदारी है। स्वच्छ भारत की संकल्पना को साकार करने हेतु टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्यरत है और भविष्य में भी समाज को जागरूक करने वाली ऐसी पहलों को आगे बढ़ाता रहेगा।





