देहरादून, गुरु नानक कॉलेज, देहरादून में शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में “जश्न-ए-गुरु” कार्यक्रम का धूमधाम से आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयोजित प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सुप्रसिद्ध सूफ़ी गायक मेहुल गुप्ता की महफ़िल ने शाम को अविस्मरणीय बना दिया। कार्यक्रम की शुरुआत ओपन माइक, रंगोली, लघु वीडियो निर्माण, नाट्य, भाषण, कविता वाचन और कार्ड मेकिंग प्रतियोगिताओं से हुई। छात्रों की रचनात्मकता ने निर्णायकों – कॉलेज सीईओ भूपिंदर सिंह, डॉ. निधि चटर्जी और निदेशक डॉ. एस. दुरैवेल – को प्रभावित किया। 90 के दशक के मशहूर गीतों पर छात्रों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने शिक्षकों और दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। मुख्य आकर्षण रहा सूफ़ी गायक मेहुल गुप्ता का लाइव कॉन्सर्ट। “मन की लगन”, “इश्क सूफ़ियाना” और “झूम” जैसे गीतों से उन्होंने समस्त दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। छात्रों द्वारा लगाए गए गेम्स, फूड और क्राफ्ट स्टॉल्स ने माहौल को और जीवंत बनाया। सर्वश्रेष्ठ स्टॉल्स लगाने वाले छात्रों को पुरस्कृत भी किया गया। इस पूरे समन्वयन की जिम्मेदारी प्रीति सूद ने निभाई।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गुरु नानक कॉलेज के चेयरमैन जोगिंदर सिंह अरोड़ा एवं वाइस चेयरपर्सन राजेन्द्र कौर अरोड़ा रहे। निदेशक डॉ. एस. दुरैवेल और रजिस्ट्रार डॉ. ललित कुमार ने उनका स्वागत किया। सीईओ भूपिंदर सिंह ने कहा कि “शिक्षक केवल ज्ञान नहीं देते, बल्कि समाज की नींव रखते हैं।” सीओओ विनीता अरोड़ा ने कहा कि “इस प्रकार के आयोजनों से रचनात्मकता और टीम वर्क की भावना विकसित होती है।” सीएसओ सैथजीत सिंह ने छात्रों की प्रतिभा की सराहना की, वहीं रजिस्ट्रार डॉ. ललित कुमार ने कहा कि “शिक्षक दिवस केवल एक दिन नहीं, बल्कि जीवनभर की भावना है।” निदेशक डॉ. एस. दुरैवेल ने आयोजन को शिक्षकों और छात्रों के बीच संबंध मजबूत करने वाला बताया। “जश्न-ए-गुरु” कार्यक्रम ने गुरु नानक कॉलेज के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया। यह आयोजन छात्रों की प्रतिभा, शिक्षकों के प्रति सम्मान और शिक्षा के वास्तविक मूल्यों का जीवंत प्रतीक बनकर सामने आया।
