देहरादून। रक्षा बंधन के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेशभर से पहुंची बहनों और मातृशक्ति ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को रक्षा सूत्र बांधकर उनके स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री ने भी बहनों का आत्मीय स्वागत करते हुए उनके स्नेह और आशीर्वाद के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की तथा प्रदेशवासियों को रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षा बंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व ही नहीं, बल्कि स्नेह, विश्वास, सुरक्षा और जीवनभर एक-दूसरे के साथ खड़े रहने के संकल्प का पवित्र उत्सव है। उत्तराखंड की मातृशक्ति और बहनों का स्नेह एवं आशीर्वाद उनके लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत है। यही आत्मीयता उन्हें प्रदेश की सेवा और उत्तराखंड के विकास के लिए निरंतर कार्य करने की शक्ति प्रदान करती है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव शक्ति, ममता और संस्कारों की प्रतिमूर्ति माना गया है। हमारी मातृशक्ति परिवार की आधारशिला होने के साथ-साथ समाज और राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। आज उत्तराखंड की बेटियां और महिलाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, कृषि, स्वरोजगार, उद्यमिता और सामाजिक क्षेत्र सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य का परिचय दे रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने नारी सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तीकरण को विशेष प्राथमिकता दी है। महिलाओं के लिए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी अभियान, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना तथा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी उत्तराखंड की मातृशक्ति को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। महिलाओं के लिए रोजगार, स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के अवसर बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की ‘लखपति दीदी’ की संकल्पना को उत्तराखंड में तेजी से धरातल पर उतारा जा रहा है। प्रदेश में अब तक 3 लाख 9 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं स्थानीय उत्पादों, कृषि, हस्तशिल्प और विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों के माध्यम से न केवल अपनी आजीविका को मजबूत कर रही हैं, बल्कि प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा दे रही हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना, मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तीकरण योजना और मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और उनकी आय बढ़ाने के लिए भी सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति का त्याग, संघर्ष और योगदान राज्य के इतिहास और विकास यात्रा का अभिन्न हिस्सा है। राज्य आंदोलन से लेकर उत्तराखंड के निर्माण और वर्तमान विकास यात्रा तक महिलाओं ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति के आशीर्वाद और सक्रिय सहभागिता से ही सशक्त उत्तराखंड तथा विकसित भारत के संकल्प को पूर्ण किया जा सकता है।
इस अवसर पर गीता पुष्कर धामी, विधायक सविता कपूर, आशा नौटियाल, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आई बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही।
रक्षा सूत्र के पावन बंधन में बंधे मुख्यमंत्री, मातृशक्ति ने की दीर्घायु की कामना
By: Naveen Joshi
On: Wednesday, August 26, 2026 5:29 PM













