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योग की छांव में गूंजा स्वस्थ उत्तराखंड का संकल्प, सिटी फॉरेस्ट पार्क बना जनस्वास्थ्य का महाकुंभ

By: Naveen Joshi

On: Sunday, June 21, 2026 1:41 PM

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मुख्य सचिव आनंद बर्धन के साथ एक हजार से अधिक लोगों ने किया सामूहिक योगाभ्यास, प्रकृति और स्वास्थ्य के संगम ने दिया वेलनेस का संदेश

देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड की हरित वादियों में रविवार को योग की ऐसी अलख जगी कि सिटी फॉरेस्ट पार्क स्वास्थ्य, आध्यात्म और प्रकृति के अद्भुत संगम का साक्षी बन गया। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा आयोजित भव्य कार्यक्रम में एक हजार से अधिक लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन, स्वस्थ समाज और स्वस्थ उत्तराखंड का संकल्प लिया।
सुबह की ताजा हवा, वृक्षों की शीतल छांव और पक्षियों के मधुर कलरव के बीच जब हजारों हाथ एक साथ योग मुद्राओं में उठे तो पूरा सिटी फॉरेस्ट पार्क योगमय वातावरण से सराबोर हो उठा। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन शामिल हुए। उनके साथ अपर सचिव मुख्यमंत्री एवं एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया, प्राधिकरण के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने योगाभ्यास किया।
योग प्रशिक्षकों के निर्देशन में प्रतिभागियों ने अंतरराष्ट्रीय योग प्रोटोकॉल के तहत विभिन्न आसन, प्राणायाम और ध्यान की क्रियाओं का अभ्यास किया। बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने यह साबित कर दिया कि योग अब केवल परंपरा नहीं, बल्कि आधुनिक जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बन चुका है।
इस अवसर पर मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने कहा कि योग भारत की सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसने पूरी दुनिया को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज करोड़ों लोग इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि योग शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित कर सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है तथा स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र निर्माण का आधार बनता है।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि उत्तराखंड सदियों से योग, तप और आध्यात्मिक साधना की भूमि रहा है। राज्य सरकार उत्तराखंड को योग, आयुर्वेद, वेलनेस और प्राकृतिक चिकित्सा की वैश्विक राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने लोगों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान योग को प्रकृति संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली से भी जोड़ा गया। वक्ताओं ने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने की जीवनशैली है। प्रतिभागियों को योग के वैज्ञानिक लाभों की जानकारी देते हुए नियमित योगाभ्यास को तनावमुक्त और संतुलित जीवन का आधार बताया गया।
कार्यक्रम के समापन पर एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने योग प्रशिक्षकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। सभी प्रतिभागियों ने नियमित योग करने तथा स्वस्थ और जागरूक समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
योग दिवस के उपरांत मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने सिटी फॉरेस्ट पार्क का विस्तृत निरीक्षण भी किया। उन्होंने पार्क में उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं का अवलोकन करते हुए नागरिकों और पर्यटकों से संवाद किया तथा जनसुविधाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने क्यूआर कोड आधारित डिजिटल फीडबैक प्रणाली विकसित करने पर बल देते हुए कहा कि जनभागीदारी और तकनीक के समन्वय से सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता में और सुधार किया जा सकता है।
सिटी फॉरेस्ट पार्क में आयोजित यह आयोजन केवल योग दिवस का कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि स्वस्थ उत्तराखंड, हरित उत्तराखंड और जनभागीदारी आधारित विकास का सशक्त संदेश बनकर उभरा। योग, प्रकृति और समाज के इस अद्भुत संगम ने यह साबित कर दिया कि देवभूमि उत्तराखंड स्वास्थ्य और वेलनेस के क्षेत्र में नई वैश्विक पहचान गढ़ने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

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