देहरादून। नाबार्ड, उत्तराखंड क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) और स्मॉल फार्मर्स एग्रीबिजनेस कंसोर्टियम (एसएफएसी) के साथ साझेदारी में विशेष रूप से 50 से अधिक किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ)/ऑफ फार्म प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (ओएफपीओ)/स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के लिए इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून के सामने ग्राउंड में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय मेला “तरंग’ – सामूहिकता का जश्न” आयोजित किया जो 13 मार्च 2024 को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
मेले का उद्घाटन 11 मार्च 2024 को मुख्य अतिथि श्री. विनोद कुमार सुमन, आईएएस, सचिव, कृषि/बागवानी द्वारा किया गया। इस अवसर पर श्री विनोद कुमार बिस्ट, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड, श्री हरिहर पट्टनायक, अध्यक्ष, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक, श्री अमित निगम, क्षेत्रीय निदेशक एनसीडीसी, महाप्रबंधक, देहारादून जिला सहकारी बैंक, यूएसजीसीएफ, ओएनडीसी और एसएफएसी के प्रतिनिधि व नाबार्ड के अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
विभिन्न मनोरंजन/सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए जिनका आगंतुकों और स्थानीय लोगों ने आनंद लिया।
मेले में 40 से अधिक एफपीओ, 10 एसएचजी और अन्य स्थानीय कारीगरों ने भाग लिया। प्रतिभागी उत्तराखंड और अन्य पड़ोसी राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और पंजाब से थे। मेले का प्रतिदिन औसतन 1500-2000 लोगों ने लुफ्ट उठाया । इस मेले के जरिये बिक्री के अलावा, एफपीओ/एसएचजी आपस में और साथ ही अन्य खरीदारों के साथ भौतिक और ऑनलाइन मोड के माध्यम से बातचीत / जानकारी का आदान-प्रदान कर सकते हैं और बाजार संबंध स्थापित कर सकते हैं।
‘तरंग – सेलिब्रेटिंग कलेक्टिवाइजेशन’ मेले का मुख्य उद्देश्य एफपीओ के उत्पाद का प्रदर्शन करना और एफपीओ को ओपन नेटवर्क डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) नेटवर्क पर शामिल होने में मदद करना था। ओएनडीसी अधिकारियों ने एफपीओ/एसएचजी को ओएनडीसी के बारे में जानकारी दी और ओएनडीसी पर ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया के बारे में विवरण दिया। मेले के दौरान 22 से अधिक एफपीओ ओएनडीसी नेटवर्क से जुड़े । अब, खरीदार इन एफपीओ के उत्पादों को सीधे ओएनडीसी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ऑर्डर कर सकते हैं, जिससे मेले की परिकल्पना के अनुसार एफपीओ की बिक्री में वृद्धि होगी।
मेले में कृषि में सहयोग और सहयोग की शक्ति, जानकारी, प्रद्योगिकी, सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने और बहुपक्षीय पारस्परिक लाभ और धारणीय कृषि विकास के लिए अधिक से अधिक किसानों को एफपीओ से हाथ मिलाने के लिए प्रोत्साहित करने पर प्रकाश डाला गया।
