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2027 चुनाव का बिगुल: यूकेडी ने 70 सीटों पर अकेले लड़ने का ऐलान, ‘नए उत्तराखंड’ का एजेंडा जारी

By: Naveen Joshi

On: Sunday, August 2, 2026 3:23 PM

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देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने आगामी विधानसभा चुनाव-2027 के लिए अपनी राजनीतिक रणनीति का औपचारिक आगाज करते हुए प्रदेश की सभी 70 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। पार्टी ने रविवार को परेड ग्राउंड स्थित एक रेस्टोरेंट में आयोजित कार्यक्रम में “संकल्प, नए उत्तराखंड का” शीर्षक से अपना नीतिगत एजेंडा जारी किया और संगठन की एकजुटता का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम में यूकेडी के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह कुकरेती, पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक काशी सिंह ऐरी, पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष नारायण सिंह जंतवाल सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता एक मंच पर दिखाई दिए। नेताओं ने राज्य आंदोलन की मूल भावना के अनुरूप उत्तराखंड के विकास, स्वशासन और मूल निवासियों के अधिकारों की रक्षा को पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

पत्रकारों से बातचीत में केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह कुकरेती ने कहा कि उत्तराखंड राज्य अपनी स्थापना के मूल उद्देश्यों से भटक गया है और राज्य की वर्तमान स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि यूकेडी अब राज्य के हितों से जुड़े मुद्दों पर निर्णायक संघर्ष करेगी और जनता के सामने एक स्पष्ट वैकल्पिक राजनीतिक एजेंडा लेकर आई है।

पार्टी ने अपने घोषणा-पत्र में पांच प्रमुख प्राथमिकताओं को शामिल किया है। इनमें उत्तराखंड के लिए अनुच्छेद-371 के अंतर्गत विशेष संवैधानिक प्रावधान, मूल निवास कानून को वैधानिक दर्जा, राज्य-विशिष्ट सशक्त भू-कानून, पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य के माध्यम से पलायन रोकने की नीति तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति के आरक्षण लाभों का न्यायसंगत वितरण प्रमुख हैं।

यूकेडी ने कहा कि राज्य के मूल निवासियों ने वर्षों तक उत्तराखंड की संस्कृति, पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा की है, लेकिन विकास के लाभों में उन्हें अपेक्षित हिस्सेदारी नहीं मिल सकी। पार्टी का कहना है कि मूल निवास को कानूनी मान्यता मिलने से राज्य की नौकरियों, शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश, भूमि संरक्षण, स्थानीय उद्यमिता, सरकारी योजनाओं और अन्य नीतिगत लाभों में उत्तराखंड के मूल निवासियों को प्राथमिकता सुनिश्चित की जा सकेगी।

पार्टी ने स्पष्ट किया कि “मूल निवास” और “स्थायी निवास” दो अलग-अलग वैधानिक अवधारणाएं होंगी। मूल निवास उत्तराखंड के मूल निवासियों की पहचान और उनके विशेष अधिकारों का आधार बनेगा, जबकि स्थायी निवास सामान्य निवास की स्थिति निर्धारित करेगा। यूकेडी ने राज्य सरकार की नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में मूल निवासियों के लिए उपयुक्त क्षैतिज आरक्षण की भी मांग उठाई।

कार्यक्रम में शक्ति शेल कपरवाण, सुरेंद्र सिंह नेगी, पंकज व्यास, जयप्रकाश उपाध्याय, लताफत हुसैन, बहादुर सिंह रावत, विजय बौड़ाई, मीनाक्षी घड़ियाल समेत पार्टी के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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