देहरादून, श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने अंतर्राष्ट्रीय योग प्रोटोकॉल के तहत सामूहिक योगाभ्यास कर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम का आयोजन स्कूल ऑफ योगिक साइंस एंड नेचुरोपैथी द्वारा किया गया।
विश्वविद्यालय के माननीय प्रेसिडेंट श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे आज विश्वभर में सम्मान और स्वीकार्यता प्राप्त है। उन्होंने कहा कि योग स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का आधार है और सभी को इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।
इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” रही। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के. प्रतापन ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप विश्वविद्यालय में योग आधारित विभिन्न पाठ्यक्रम विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में योग शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है।
कार्यक्रम के दौरान स्कूल ऑफ योगिक साइंस एंड नेचुरोपैथी के छात्र सुमीर ज्ञवाली को विश्व स्तर पर विश्वविद्यालय का नाम गौरवान्वित करने के लिए कुलपति द्वारा सम्मानित किया गया।
स्कूल ऑफ योगिक साइंस एंड नेचुरोपैथी की डीन एवं योग विभाग की प्रोफेसर डॉ. ओम नारायण तिवारी ने कहा कि योग न केवल शरीर और मन को स्वस्थ रखता है, बल्कि आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार करता है। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सुरेंद्र रायल के नेतृत्व में छात्रों, शिक्षकों एवं एनसीसी कैडेट्स ने विभिन्न योगासनों का अभ्यास किया तथा योग के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने सहभागिता कर योग को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।









