देहरादून। नर्सिंग बेरोज़गार अभ्यर्थियों के साथ कथित अभद्रता और थप्पड़ मारने की घटना के विरोध में महिला कांग्रेस और नर्सिंग अभ्यर्थियों ने पुलिस मुख्यालय का घेराव किया। इस दौरान पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हो गई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने कई महिला कार्यकर्ताओं व नर्सिंग अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर बाद में एकता विहार में छोड़ दिया।
महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता कांग्रेस मुख्यालय से मार्च करते हुए पुलिस मुख्यालय पहुंचे, जहां पुलिस ने पहले ही बेरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। अचानक रोकने पर प्रदर्शनकारी धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग पर चढ़कर उत्तराखंड सरकार का पुतला दहन भी किया।
रौतेला ने आरोप लगाया कि रोजगार मांग रही बेटियों के साथ पुलिस की अभद्रता सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाली युवतियों पर दमन लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकना लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने महिला अभ्यर्थियों के साथ अभद्रता करने वाले पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
नर्सिंग मंच के प्रदेश अध्यक्ष नवल पुंडीर ने कहा कि 5 दिसंबर को भी अभ्यर्थियों को परेड ग्राउंड से जबरन हटाया गया था। उनकी मांग है कि भर्ती प्रक्रिया पूर्व की तरह वर्षवार लागू हो और वरिष्ठता के अधिकार बहाल किए जाएँ।
नर्सिंग अभ्यर्थी सपना राठौर ने आरोप लगाया कि एक महिला पुलिसकर्मी ने उन्हें थप्पड़ मारा और जबरन गाड़ी में बैठाया। उन्होंने कहा कि हाल ही में उनकी सर्जरी हुई है, इसके बावजूद पुलिस ने कोई संवेदनशीलता नहीं दिखाई।
“हम सरकार से लड़ना नहीं चाहते, सिर्फ अपना हक मांग रहे हैं,” उन्होंने कहा।
प्रदर्शन में महिला कांग्रेस की उपाध्यक्ष आशा मनोरमा डोबरियाल, महानगर अध्यक्ष उर्मिला थापा, महासचिव निधि नेगी, सुशीला शर्मा, पुष्पा पवार, अनुराधा तिवारी, अनीता सकलानी, रेखा ढींगरा, सेवादल की सावित्री थापा, मंजू, अनुराधा, सविता सोनकर, तथा नर्सिंग मंच से सपना, नवल पुंडीर, आयुष सेमवाल, मधु उनियाल आदि शामिल रहे।
कांग्रेस द्वारा उठाई गई प्रमुख मांगें, दोषी पुलिसकर्मियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई।
घटना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच।
नर्सिंग के लंबित रिक्त पदों पर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए
नर्सिंग अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें, वर्तमान नर्सिंग भर्ती विज्ञप्ति को निरस्त कर भर्ती पोर्टल बंद किया जाए।
भर्ती प्रक्रिया पूर्व की भाँति वर्षवार (Year-wise) लागू हो।
IPHS मानकों के अनुसार 2500 से अधिक नई भर्ती की विज्ञप्ति जारी की जाए।
भर्ती में उत्तराखंड मूल निवासियों को प्राथमिकता दी जाए, बाहरी राज्यों के लिए अलग प्रक्रिया हो।
आयु-सीमा पार कर चुके योग्य अभ्यर्थियों को विशेष आयु-छूट प्रदान की जाए।
