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उत्तराखंड

8वीं वाहिनी आई०टी०बी०पी० ने 75 वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास पूर्वक

*8वीं वाहिनी आई०टी०बी०पी० के द्वारा मनाया 75 वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास पूर्वक*
चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )
8 वीं वाहिनी, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल, गौचर परिसर में श्री अतुल कुमार थवाईत, द्वितीय कमान के कुशल नेतृत्व एवं निर्देशन में 75 वें गणतंत्र दिवस को बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
गणतंत्र दिवस के इस पावन अवसर पर बल की सैन्य टुकड़ी/परेड़ की सशस्त्र ध्वज सलामी एवं राष्ट्रगान की धुन के साथ श्री अतुल कुमार 8वीं वाहिनी के द्वारा ध्वजारोहण किया गया।
ध्वजा रोहण के पश्चात कार्यालयाध्यक्ष, 8 वीं चाहिनी के द्वारा उपस्थित अधिकारी गण, अधीनस्थ अधिकारी गण एवं हिमवीर जवानों को अपने संबोधन के माध्यम से 75 वें गणतंत्र दिवस की बहुत-बहुत हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रदान की गई।
संबोधन के माध्यम से बताया कि “आज ही के दिन 26 जनवरी 1950 को हमारा संविधान लागू हुआ था और हमें ब्रिटिश राज से पूरी तरह आजादी मिल गई थी। यह संविधान ही है जो भारत के नागरिकों को एकता के सूत्र में बांचे रखता है। इसलिए आज का दिन हम सभी के लिए बहुत खास है। इस दिन हम उन सभी बहादुर वीरों का सम्मान करते है, जिन्होने भारत की आजादी के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। यह दिन राष्ट्रीय गर्व का दिन है। संविधान को लागू करने के लिए 26 जनवरी को ही इसलिए चुना गया था, क्योंकि 31 दिसम्बर, 1929 ई. में कांग्रेस ने लाहौर अधिवेशन में भारत को पूर्ण स्वराज प्रदान करने की घोषणा की गई थी तथा इसी दिन सन् 1930 ई. में प्रथम स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया गया था। आज का दिन हमें आदर्श संवैधानिक मूल्यों की याद दिलाता है, जो कि हम भारतीयों को पारस्परिक एक दूसरे से जोड़ के रखता है। 74 वर्ष की लम्बी अवधी के दौरान कोई भी राष्ट्र इतना परिपक्व हो जाता है कि वो अपने अनुभवों को अपनी भावी पीढ़ी के समक्ष साझा कर नित नये आयाम बदौलत आज हमारा देश नित नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर न केवल हम अपने महान स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते है, बल्कि अपने देश की उपलब्धियों को भी स्मरण करते है जो हमें बेहतर और लोक से हटकर कार्य करने के लिये सदैव प्रोत्साहित करता है। हम सब को यह जानकर अति प्रसन्यता होती है कि सैन्य शक्ति के मामले में आज हम दुनियां के पांच सबसे शक्ति शाली राष्ट्रों में से एक है, इसका श्रेय हमारी सेना के बहादुर सैनिकों को जाता है। आज के परिप्रेक्ष्य में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल के जवान, सुरक्षा और देश की शांति व्यवस्था के लिये ना सिर्फ दिन-रात सीमा पर मुस्तैद रहते है, बल्कि किसी भी आपदा और संकट के समय में भी बचाव राहत कार्यों के लिये सदैव रहते है, जिस पर हमें गर्व है।”
8वीं वाहिनी के गुख्य आतिथ्य में पहाड़ियों की तलहटी के मध्य सुरम्य प्राकृतिक एवं
मनोरम स्थल में स्थित कैम्प में आई०टी०बी०पी० पब्लिक स्कूल के बच्चों में मनोदैहिक, विकास
एवं आदर्श नागरिक उत्तरदायित्व की भावना के विकास हेतु बच्चों के मध्य सांस्कृतिक गतिविधियों
तथा हिमवीर परिवार के बच्चों के मध्य जलेबी दौड़ प्रतियोगिता का
आयोजन किया गया। जवानों के मध्य बोरा दौड़, तीन टांग दौड़, रस्सा कसी प्रतियोगिता, महिला कार्मिकों के मध्य टेनिस बाल थ्रो तथा हिगवीर महिला सदस्यों के मध्य कुर्सी रेस व कंचा दौड़ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
इस मौके पर मनोरम एवं सुसज्जित प्रांगण में विभिन्न प्रकार के स्टॉल भी लगाए गए। अन्त में गुख्य अतिथि महोदय के द्वारा प्रतियोगियों को प्रोत्साहन स्वरूप उचित पुरस्कार
प्रदान किया गया तथा सभी हावा सदस्याओं, बच्चों और हिमवीरों के लिए बड़े खाने का आयोजन किया गया‌। जिसका सभी ने जमकर लुफ्त उठाया। और इसी के साथ अंत में मिष्ठान वितरण के उपरान्त कार्यक्रम का विधिवत समापन किया।

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