देहरादून,किशननगर में नवरात्र के पावन अवसर पर भक्तिभाव से ओत-प्रोत माहौल देखने को मिला, जब भक्तगणों ने श्रद्धा और उल्लास के साथ कलश यात्रा निकाली और श्रीमद् देवीभागवत कथा का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने माता भगवती की आराधना करते हुए नगर में कलश यात्रा निकाली, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएँ एवं पुरुष भक्त शामिल हुए।
कलश यात्रा का शुभारंभ पारंपरिक विधि-विधान और मंत्रोच्चारण के साथ हुआ। भक्तों ने कलश में पवित्र जल भरकर नगर परिक्रमा की और अंत में कथा स्थल पर विधिपूर्वक इसे स्थापित किया। कलश यात्रा के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया, जहां श्रद्धालु माता रानी के जयकारे लगाते हुए भक्ति रस में डूबे नजर आए।
आचार्य जीवन कृष्ण (शास्त्री) जी ने कराया कथा श्रवण
कलश स्थापना के पश्चात श्रीमद् देवीभागवत कथा का शुभारंभ हुआ, जिसमें प्रसिद्ध कथा वाचक आचार्य जीवन कृष्ण (शास्त्री) जी ने अपनी मधुर वाणी से भक्तों को कथा श्रवण कराया। उन्होंने देवी भागवत महापुराण के महत्व को बताते हुए कहा कि नवरात्र के दिनों में इस कथा का विशेष महत्व है। माता भगवती की कृपा प्राप्त करने और आध्यात्मिक ऊर्जा अर्जित करने के लिए देवीभागवत कथा का श्रवण परम कल्याणकारी होता है।
कथा के प्रथम दिन आचार्यजी ने माता भगवती की महिमा, उनकी विभिन्न लीलाओं और भक्तों पर उनकी कृपा के अनेक प्रसंगों का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि कैसे माता भगवती अपने भक्तों की रक्षा करती हैं और उन्हें हर संकट से उबारती हैं। कथा के दौरान श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर भगवती की महिमा का श्रवण कर रहे थे।
इस धार्मिक आयोजन में पं. मधुसूदन ज्ञवाली, पं. मित्रलाल खनाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। भक्तगणों ने कथा श्रवण के साथ भजन-कीर्तन का आनंद लिया और मां भगवती की आरती में भाग लिया। पूरे आयोजन स्थल को भव्य रूप से सजाया गया था, जिससे माहौल और भी दिव्य एवं भक्तिमय हो गया।
किशननगर में आयोजित इस धार्मिक आयोजन से भक्तों में अपार उत्साह और श्रद्धा देखने को मिली। नवरात्रि के इन नौ दिनों तक कथा श्रवण, हवन-पूजन और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा, जिससे समस्त नगरवासियों को माता रानी की कृपा प्राप्त होगी।
