देहरादून, उत्तराखंड में भारी बारिश के बीच जहां एक ओर आपदा का अलर्ट जारी है, वहीं दूसरी ओर कुछ युवकों की जानलेवा लापरवाही ने सबको चौंका दिया है। देहरादून के रायपुर ब्लॉक स्थित मालदेवता क्षेत्र में पिकनिक मनाने गए कुछ युवकों ने शराब के नशे में अपनी थार गाड़ी को उफनती सॉन्ग नदी में उतार दिया, जिसके भयावह परिणाम सामने आए। नदी के तेज बहाव ने देखते ही देखते पूरी गाड़ी को अपनी आगोश में ले लिया और वह बह गई।
मिली जानकारी के अनुसार, कुछ युवक मालदेवता में मौज-मस्ती के लिए पहुंचे थे। लेकिन पिकनिक के दौरान नशे की मस्ती में उन्होंने ऐसी मूर्खतापूर्ण हरकत की, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। शराब के नशे में धुत इन युवकों ने स्टंटबाजी के चक्कर में अपनी थार गाड़ी को उफनती सॉन्ग नदी के हवाले कर दिया।
नदी का रौद्र रूप देखकर भी उन्होंने सबक नहीं लिया और जब तक कुछ समझ पाते, तेज बहाव ने गाड़ी को जकड़ लिया और वह तेजी से बहने लगी। गनीमत यह रही कि गाड़ी में सवार युवक समय रहते बाहर निकलने में सफल रहे, अन्यथा यह लापरवाही एक बड़े और जानलेवा हादसे में तब्दील हो सकती थी। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें युवक नशे की हालत में नजर आ रहे हैं।
*प्रशासन की हिदायतें और हुड़दंगी तत्वों पर कार्रवाई का सवाल*
प्रदेश में मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी कर रखा है और प्रशासन लगातार नदियों के करीब न जाने की स्पष्ट हिदायतें दे रहा है। ऐसे में यह घटना प्रशासन के लिए भी कई सवाल खड़े करती है। क्या प्रशासन की चेतावनी केवल कागजों तक ही सीमित है? और क्या ऐसे गैर-जिम्मेदार तत्वों पर सख्त कार्रवाई नहीं होनी चाहिए, जो न केवल अपनी, बल्कि दूसरों की जान भी जोखिम में डाल रहे हैं?
देवभूमि उत्तराखंड में मस्ती का यह मतलब कतई नहीं है कि आपदाओं से खेलने की छूट मिल जाए। यह घटना एक गंभीर चेतावनी है कि प्रकृति के आगे किसी की नहीं चलती और लापरवाही के ऐसे कृत्य बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान कर सकते हैं।
यह समझना आवश्यक है कि ऐसे समय में जब पूरा प्रदेश आपदा के दौर से गुजर रहा है, हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह प्रशासन के निर्देशों का पालन करे और किसी भी प्रकार की जानलेवा लापरवाही से बचे। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि शराब के नशे में की गई स्टंटबाजी कितनी घातक साबित हो सकती है।
