जनपद की समीक्षा बैठक में दिए 100 दिन में व्यापक सुधार के निर्देश
देहरादून,
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सोमवार को देहरादून विकास भवन सभागार में जनपद स्तरीय सहकारिता समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में मंत्री ने सहकारी समितियों और बैंकों की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए अधिकारियों को 100 दिन की कार्ययोजना के तहत कार्य करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सहकारिता को यदि जनआंदोलन बनाना है तो इसे धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करना होगा। इसके लिए किसानों, महिलाओं और युवाओं को सहकारिता से जोड़ना जरूरी है।
मंत्री के प्रमुख निर्देश और निर्णय:
- मोबाइल यूपीआई बैंकिंग: इस वर्ष से योजना की शुरुआत सुनिश्चित की जाए, सभी तैयारियाँ शीघ्र पूर्ण हों।
- खाता खोलो अभियान: शाखा प्रबंधक गांव-गांव जाकर किसानों के संपर्क में आएं और नए खाते खोलें।
- सहकारिता चौपाल: 100 दिवसीय जागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को सहकारिता से जोड़ने की पहल।
- महिला सशक्तिकरण: स्वयं सहायता समूहों को बैंक खाता और लघु ऋण के लिए प्रेरित करें।
- समितियों को गोद लें: प्रत्येक अधिकारी घाटे में चल रही एक समिति को गोद लेकर उसका व्यवसायिक विकास सुनिश्चित करें।
- तकनीकी प्रशिक्षण: जनपद के सभी 27 शाखा प्रबंधकों को दो चरणों में नवाचार व तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाए।
- समितियों का पुनरुद्धार: घाटे में चल रही समितियों के लिए नए बिजनेस प्लान बनाकर उन्हें लाभ में लाया जाए।
- डिफॉल्टर समितियां: ऐसी समितियों के विरुद्ध लिक्विडेशन की प्रक्रिया शुरू की जाए।
- लघु ऋण सुविधा: रेहड़ी-पटरी वालों व छोटे व्यापारियों को साप्ताहिक/मासिक आधार पर आसान ऋण मुहैया कराया जाए।
- नियमित समीक्षा: हर 15 दिन में प्रगति की समीक्षा की जाए। मंत्री स्वयं प्रतिमाह समीक्षा करेंगे।
डॉ. रावत ने अधिकारियों को गुजरात मॉडल से प्रेरणा लेने और नवाचारों को अपनाने की बात कही। उन्होंने दिसंबर 2025 तक सभी सहकारी समितियों और जिला सहकारी बैंक में ठोस सुधार सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा।
बैठक में मौजूद प्रमुख अधिकारी:
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, नाबार्ड के सहायक महाप्रबंधक नवीन कुमार, जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक सी. के. कमल, सहायक निबंधक बी. एम. मनराल सहित जनपद की सभी 27 शाखाओं के प्रबंधक व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
