डीएम ने उठाया जिम्मा, 57.04 लाख की स्वीकृति जारी
रायवाला वृद्धाश्रम भवन में 30 बिस्तरों वाला केंद्र होगा संचालित
देहरादून,
“नशा मुक्त उत्तराखंड” के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के संकल्प को मूर्त रूप देने की दिशा में देहरादून जिला प्रशासन ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य के पहले सरकारी नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र की स्थापना रायवाला में की जा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर जिलाधिकारी श्री सविन बंसल ने इस महत्वपूर्ण कार्य की जिम्मेदारी स्वयं लेते हुए ₹57.04 लाख की धनराशि स्वीकृत की है।
यह केंद्र राजकीय वृद्धाश्रम रायवाला के प्रथम तल पर संचालित किया जाएगा, जहाँ 30 बिस्तरों की व्यवस्था के साथ इलाज व पुनर्वास की सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। केंद्र के संचालन के लिए एक अनुभवी व पंजीकृत एनजीओ का चयन शीघ्र किया जाएगा, जो समर्पित टीम के साथ सेवाएं प्रदान करेगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि नशा एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुका है, जिससे पीड़ित व्यक्तियों को मुख्यधारा में लाने हेतु व्यवस्थित चिकित्सा और पुनर्वास सुविधा अत्यंत आवश्यक है। इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा तैयार ‘डिस्ट्रिक्ट डी-एडिक्शन सेंटर एक्शन प्लान’ के तहत यह केंद्र स्थापित किया जा रहा है।
57.04 लाख रुपये के स्वीकृत बजट में शामिल हैं:
🔹 ₹22.56 लाख – 22 स्वीकृत पदों के लिए 6 माह का मानदेय
🔹 ₹9.48 लाख – भवन अनुरक्षण, दवाएं, बिजली-पानी बिल, भोजन, स्टेशनरी आदि के लिए
🔹 ₹25 लाख – गद्दे, पलंग, अलमारी, कम्प्यूटर, बायोमेट्रिक मशीन, बर्तन आदि संसाधनों हेतु
रायवाला वृद्धाश्रम भवन में 13 कमरे, बाथरूम, एक हॉल और दो कार्यालय कक्ष पहले से उपलब्ध हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि केंद्र में रजिस्ट्रेशन, ओपीडी, आइसोलेटेड रूम, स्टॉफ रूम, स्टोर रूम और वेटिंग एरिया की व्यवस्थित व्यवस्था की जाए।
इस संबंध में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एम.के. शर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, निदेशक सोशल वेलफेयर जगमोहन सिंह कफोला एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
यह नशा मुक्ति केंद्र, विषाक्त जीवन में उलझे युवाओं और परिवारों के लिए बनेगा उम्मीद की एक नई किरण।
