चमोली (प्रदीप लखेड़ा)।
गोपेश्वर जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों ने रविवार को जीवन रक्षक उपलब्धि दर्ज करते हुए गले के गहरे घाव (डीप नेक एब्सेस) से जूझ रही 52 वर्षीय महिला की जटिल सर्जरी कर उसकी जान बचाई।
सुदूरवर्ती गाँव झींझी (पोस्ट ऑफिस इराणी) निवासी भागा देवी लंबे समय से गले में दर्द, सूजन, तेज बुखार और निगलने में कठिनाई जैसी समस्या से पीड़ित थीं। हालत गंभीर होने पर परिजन उन्हें जिला चिकित्सालय लाने के लिए मजबूर हुए। आपदा के कारण गाँव का मोटर मार्ग कई जगह से बाधित था, लेकिन ग्रामीणों ने सहयोग करते हुए मरीज को डोली में कठिन पैदल मार्ग से अस्पताल पहुँचाया।
अस्पताल पहुँचते ही महिला की स्थिति नाजुक थी। तत्काल जांच के बाद डेंटल सर्जन डॉ. अनुराग सक्सेना, ईएनटी सर्जन डॉ. दिग्विजय बंडगर, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. नेहा नेगी सहित नर्सिंग स्टाफ व सहयोगी टीम ने ऑपरेशन शुरू किया। सर्जरी के दौरान मरीज के गले से पस का बड़ा जमाव निकाला गया जिससे संक्रमण फैलने से रोका जा सका। मरीज को अब चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है और उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। इलाज अटल आयुष्मान योजना के तहत निशुल्क किया गया।
डॉ. दिग्विजय बंडगर ने बताया कि जिला चिकित्सालय गोपेश्वर का आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और उपकरण किसी बड़े मैदानी अस्पताल से कमतर नहीं हैं। कार्यकुशल स्टाफ और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के सहयोग से यह सर्जरी सफल हो सकी।
महिला के परिजनों और ग्रामीणों ने चिकित्सक टीम का आभार जताते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद महिला की जान बचाई गई, जिसके लिए जिला चिकित्सालय की पूरी टीम प्रशंसा की पात्र है।
