देहरादून, चारधाम यात्रा 2026 से पूर्व धार्मिक व्यवस्थाओं को लेकर गंगोत्री धाम में एक बड़ा प्रस्ताव सामने आया है। श्री पांच गंगोत्री मंदिर समिति धाम में प्रवेश से पूर्व श्रद्धालुओं के लिए पंचगव्य ग्रहण को अनिवार्य करने की तैयारी कर रही है। इस संबंध में कानूनी और संवैधानिक पहलुओं के परीक्षण हेतु एक विशेष समिति का गठन भी किया गया है।
मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि गंगोत्री धाम में गैर सनातनियों के प्रवेश को लेकर भी व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि धाम में दर्शन से पूर्व पंचगव्य ग्रहण की व्यवस्था प्रस्तावित है, जिससे श्रद्धालु की सनातन परंपरा में आस्था का संकेत मिल सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रस्ताव को लागू करने से पहले सभी कानूनी और संवैधानिक पहलुओं का गहन अध्ययन किया जाएगा। इसके लिए गठित समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, जिसके आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
क्या है पंचगव्य?
पंचगव्य एक पारंपरिक धार्मिक मिश्रण है, जिसमें गाय से प्राप्त पांच तत्व—दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर—शामिल होते हैं। हिंदू धार्मिक परंपराओं में इसे अत्यंत पवित्र माना जाता है और इसका उपयोग पूजा, यज्ञ तथा शुद्धिकरण के कार्यों में किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसके सेवन या स्पर्श से शारीरिक और आध्यात्मिक शुद्धि होती है।
चारधाम यात्रा की तैयारियों के बीच बदरी-केदार मंदिर समिति द्वारा भी केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में गैर हिंदुओं के प्रवेश को सीमित करने तथा एफिडेविट व्यवस्था लागू करने जैसे प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है।
इसी क्रम में चारधाम महापंचायत द्वारा संचालित यमुनोत्री धाम में भी समान नियम लागू करने को लेकर 24 मार्च को अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
मंदिर समिति का कहना है कि प्रस्तावित व्यवस्थाओं का उद्देश्य सनातन धार्मिक परंपराओं को सुदृढ़ करना है। हालांकि, इन प्रस्तावों को लेकर सामाजिक और कानूनी स्तर पर व्यापक चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
