देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण एवं आगामी कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को गति देने के उद्देश्य से विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने कुंभ मेला-2027 के अंतर्गत हरिद्वार में प्रस्तावित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर-2 भवन के निर्माण हेतु ₹50.27 करोड़ की लागत को मंजूरी दी है। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रथम किश्त के रूप में ₹20.11 करोड़ जारी किए जाने का अनुमोदन भी प्रदान किया गया है।
जनपद ऊधम सिंह नगर के किच्छा विधानसभा क्षेत्र में सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार के तहत किच्छा कम्युनिटी हॉल निर्माण के लिए ₹5 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें प्रथम चरण में ₹50 लाख जारी किए जाएंगे।
जनपद पिथौरागढ़ में विभिन्न धार्मिक एवं आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं को भी स्वीकृति दी गई है। इनमें चुल्कोट हरदौल मंदिर, महाकाली मंदिर माणीटुण्डी, देवी मंदिर मदकोट एवं रामलीला मंच मवानी के सौंदर्यीकरण तथा मेला स्थल निर्माण हेतु ₹98.64 लाख, विभिन्न ग्राम पंचायतों में आंतरिक सीसी मार्ग निर्माण के लिए ₹1 करोड़ एवं ₹79.64 लाख, तथा छिपला केदार ट्रैक रूट व ब्रह्मदेव मंदिर सौंदर्यीकरण सहित अन्य कार्यों के लिए ₹1 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।
आपदा न्यूनीकरण के तहत चम्पावत विधानसभा क्षेत्र में बूम से टनकपुर तक शारदा नदी के दाएं तट पर बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए ₹11.59 करोड़ के सापेक्ष प्रथम किश्त में ₹4.64 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त नगर निगम रुद्रपुर के मुख्य कार्यालय भवन के पुनर्निर्माण हेतु ₹15.74 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है।
शहरी विकास को गति देते हुए देहरादून के डांडा लखौण्ड (सहस्त्रधारा रोड) में शहरी विकास निदेशालय के कार्यालय भवन निर्माण हेतु ₹62.64 करोड़ की योजना को मंजूरी दी गई है, जिसमें प्रथम किश्त के रूप में ₹5 करोड़ जारी होंगे। साथ ही विभिन्न नगर निकायों में पार्क निर्माण, सौंदर्यीकरण एवं ओपन जिम स्थापना के लिए ₹2.03 करोड़ तथा अवस्थापना विकास निधि के अंतर्गत 13 योजनाओं हेतु ₹53.12 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त देहरादून जनपद में बौद्ध विकास योजना के अंतर्गत तीन परियोजनाओं के क्रियान्वयन हेतु ₹16.04 करोड़ के सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2025-26 में द्वितीय चरण में ₹11.11 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से प्रदेश में बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण होगा, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
