देहरादून,चारधाम यात्रा-2026 के दौरान संभावित आपदाओं एवं आकस्मिक परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) एवं उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) के तत्वावधान में बुधवार को टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित की गई।
बैठक में यात्रा मार्गों पर संभावित आपदाओं से निपटने की रणनीति, विभागों के बीच समन्वय तथा 10 अप्रैल को प्रस्तावित व्यापक मॉक ड्रिल की तैयारियों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सुरक्षित एवं व्यवस्थित चारधाम यात्रा के लिए संसाधनों और जोखिमों का सटीक आकलन आवश्यक है।
विशेषज्ञों ने संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर जीआईएस मैपिंग करने, इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम के तहत सभी अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय करने तथा आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। सभी सेक्टर कमांडरों को स्टेकहोल्डर्स की सूची तैयार करने, कंटीजेंसी प्लान और इंसीडेंट एक्शन प्लान तैयार रखने के निर्देश दिए गए।
सड़क व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए एनएचएआई, लोक निर्माण विभाग एवं बीआरओ को संवेदनशील स्थानों पर मशीनरी और मानव संसाधन तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं आर्मी, आईटीबीपी, एसएसबी, आईएएफ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, होमगार्ड एवं क्यूआरटी टीमों को अलर्ट रहने को कहा गया है।
अधिकारियों ने बताया कि चारधाम उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित होने के कारण मानसून के दौरान अतिवृष्टि, बादल फटना, भूस्खलन और खराब मौसम जैसी घटनाओं का खतरा बना रहता है। ऐसे में सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय अनिवार्य है।
प्रशासन का लक्ष्य आपदा की स्थिति में त्वरित राहत, बचाव एवं चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराते हुए ‘जीरो लॉस-ऑफ-लाइफ’ सुनिश्चित करना है। साथ ही प्रभावित लोगों के लिए भोजन, संचार एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराकर पैनिक की स्थिति से बाहर निकालने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) के.के. मिश्रा ने बताया कि जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशानुसार जनपद देहरादून को 9 जोन एवं 23 सेक्टरों में विभाजित कर अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है। जिले में पंजीकरण, परिवहन, पार्किंग, पेयजल, स्वच्छता, आवास, खाद्य सामग्री, बिजली, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन एवं शिकायत निस्तारण सहित सभी व्यवस्थाएं सुदृढ़ कर दी गई हैं।
टेबल टॉप एक्सरसाइज में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे और यात्रा को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए आपसी समन्वय पर बल दिया गया।
