देहरादून,
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा और क्रियावली को दर्शाती ऐतिहासिक पुस्तक “Philosophy and Action of RSS for the Hindu Swaraj”, जिसका प्रथम प्रकाशन वर्ष 1951 में हुआ था, अब संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में पुनः प्रकाशित की जा रही है। इस विशेष अवसर पर पुस्तक का भव्य विमोचन आज शाम 5:30 बजे देहरादून के सर्वे चौक स्थित आइआरडीटी सभागार में होगा।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा प्रज्ञा प्रवाह के अखिल भारतीय संयोजक जे. नंदकुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम को गौरव प्रदान करेंगे।
प्रेस क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में प्रभात प्रकाशन के स्वामी प्रभात कुमार, देवभूमि विचार मंच (प्रज्ञा प्रवाह की राज्य इकाई) की प्रांत संयोजक अंजलि वर्मा, एकता त्रिपाठी, एच.एस. पुरोहित तथा विशाल वर्मा ने इस ऐतिहासिक पुनर्प्रकाशन की जानकारी साझा की।
बताया गया कि यह पुस्तक मूल रूप से संघ की 25वीं जयंती के अवसर पर प्रकाशित की गई थी और आज, जब संघ 100 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा पूर्ण कर रहा है, इसका पुनर्प्रकाशन अत्यंत प्रासंगिक और प्रेरणादायक बन गया है। संघ की विचारधारा न केवल सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का दर्शन प्रस्तुत करती है, बल्कि शिक्षा, रोजगार, विज्ञान, अर्थव्यवस्था जैसे विविध क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन के लिए कार्य कर रहे 35 से अधिक संघ प्रेरित संगठनों को वैचारिक स्पष्टता के साथ दिशा देती है।
आरएसएस, स्वामी विवेकानंद और अन्य राष्ट्रनिर्माता संतों के बताए मार्ग पर चलते हुए, एक विकसित और समरस हिंदू राष्ट्र की संकल्पना को साकार करने के लिए निरंतर अग्रसर है।
