राज्य के हित में वैज्ञानिक संस्थानों के अधिकतम उपयोग को लेकर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन का जोर
देहरादून इंटरनेशनल साइंस एंड टेक्नोलॉजी फेस्टीवल-2025 का पोस्टर एवं ब्रोशर हुआ जारी
देहरादून, ,मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि उत्तराखंड में स्थित राष्ट्रीय महत्व के वैज्ञानिक संस्थानों की क्षमताओं का राज्य के हित में अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए सतत संवाद, बेहतर समन्वय और सहयोग की एक सुदृढ़ व्यवस्था तैयार की जाएगी।
बर्द्धन दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में आगामी 12 से 14 नवंबर तक विज्ञान धाम में प्रस्तावित छठे देहरादून इंटरनेशनल साइंस एंड टेक्नोलॉजी फेस्टीवल के पोस्टर और ब्रोशर का विमोचन कर रहे थे।
मुख्य सचिव ने इस अवसर पर कहा कि विज्ञान और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों ने समाज के हर वर्ग को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को विज्ञान एवं तकनीक से जोड़ने और इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
बर्द्धन ने कहा कि टेक्नोलॉजी की जननी मौलिक विज्ञान है, अतः अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हिमालयी राज्य होने के कारण उत्तराखंड के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी का महत्व और भी बढ़ जाता है। देहरादून एवं राज्य के अन्य हिस्सों में अनेक राष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिक और शैक्षणिक संस्थान मौजूद हैं, जिनका समय-समय पर राज्य के हित में सहयोग लिया जाता है। अब इस सहयोग को और प्रभावी तथा सुव्यवस्थित बनाने पर बल दिया जाएगा।
मुख्य सचिव ने यूकॉस्ट और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग को इस दिशा में ठोस पहल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में सचिव उत्तराखंड शासन डॉ. आर. राजेश कुमार, चन्द्रेश यादव, दीपेन्द्र चौधरी, हेस्को के संस्थापक पद्मभूषण अनिल जोशी, उत्तराखंड पेट्रोलियम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राम शर्मा एवं यूकॉस्ट के संयुक्त निदेशक डी.पी. उनियाल ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
