देहरादून। मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के निर्देशन में चल रहे ऑपरेशन कालनेमि अभियान के तहत देहरादून पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी पहचान के आधार पर दून में अवैध रूप से रह रहे एक बांग्लादेशी नागरिक और उसके साथ पत्नी के रूप में रह रही त्यूनी निवासी महिला को गिरफ्तार किया है। दोनों पिछले कई वर्षों से फर्जी दस्तावेजों के सहारे जनपद में निवास कर रहे थे।थाना नेहरू कॉलोनी एवं एलआईयू की संयुक्त टीम ने 20 नवंबर 2025 को गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों को हिरासत में लिया। पूछताछ में पुरुष की पहचान ममून हसन पुत्र मोहम्मद अली यासीन निवासी जिला मेहरपुर, बांग्लादेश तथा महिला की पहचान रीना चौहान पुत्री विश्वजीत सिंह निवासी त्यूनी, देहरादून के रूप में हुई।
फर्जी दस्तावेजों पर बदला नाम–पता, क्लब में बाउंसर की नौकरी, अभियुक्त ममून हसन देहरादून में सचिन चौहान के नाम से फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड तथा अन्य दस्तावेज बनवाकर रह रहा था और इसी फर्जी पहचान पर एक क्लब में बाउंसर का काम कर रहा था।
अभियुक्ता रीना ने अपने कुछ परिचितों की मदद से ममून के लिए अपने पूर्व पति सचिन चौहान के नाम पर सभी पहचान पत्र तैयार करवाए थे। इन सहयोगियों की भी पहचान की जा रही है और पुलिस जल्द ही उन पर भी सख्त कार्रवाई करेगी।
फेसबुक पर बढ़ी नज़दीकियां, 3 बार टूरिस्ट वीजा पर आया भारत अभियुक्तों ने बताया कि दोनों की पहचान फेसबुक के माध्यम से हुई थी। इसके बाद ममून हसन वर्ष 2019, 2020 और 2021 में तीन बार टूरिस्ट वीजा पर भारत आया और देहरादून में रीना के साथ रहा। कोरोना काल में वीजा समाप्त होने पर वह वापस बांग्लादेश लौट गया। वर्ष 2022 में दोनों अवैध तरीके से भारत-बांग्लादेश की सीमा पार कर पहले बांग्लादेश गए और वहीं निकाह किया। इसके बाद दोनों फिर अवैध तरीके से सीमा पार कर भारत में आ गए और देहरादून में किराये के मकानों में पति-पत्नी की तरह रहने लगे।
ऑपरेशन कालनेमि की बड़ी उपलब्धि: 16 बांग्लादेशी नागरिकों पर कार्रवाई अभियान के तहत अब तक , 09 बांग्लादेशी नागरिकों को डिपोर्ट किया जा चुका है, 07 के विरुद्ध मुकदमे दर्ज कर जेल भेजा गया है।
मौजूदा गिरफ्तारी भी इसी सघन चेकिंग का हिस्सा है।
कानूनी कार्रवाई दोनों अभियुक्तों के विरुद्ध थाना नेहरू कॉलोनी में धारा 420, 467, 468, 471, 120बी भादवि तथा
धारा 3 पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम 1920 एवं
धारा 14 विदेशी अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत कर गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से कई फर्जी दस्तावेज व अन्य महत्वपूर्ण प्रमाण भी बरामद किए हैं। 1. ममून हसन, पुत्र मोहम्मद अली यासीन
मूल निवासी: आनंदोवास, थाना मुजीबनगर, जिला मेहरपुर, बांग्लादेश
फर्जी पहचान: सचिन चौहान हाल पता: अलकनंदा एन्क्लेव फेस-2, नेहरू कॉलोनी, देहरादून
उम्र: 28 वर्ष 2. रीना चौहान, पुत्री विश्वजीत सिंह, निवासी: ट्यूटार, बिरनाद, तहसील त्यूनी, देहरादून फर्जी पहचान: रीना चौहान पत्नी सचिन चौहान, बरामदगी, विभिन्न फर्जी पहचान पत्र, अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज
दून पुलिस द्वारा ऑपरेशन कालनेमि के तहत की गई यह कार्रवाई जनपद में अवैध रूप से निवास कर रहे व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त अभियान की निरंतरता को दर्शाती है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फर्जी पहचान बनाने एवं अवैध गतिविधियों में शामिल सभी सहयोगियों पर भी जल्द ही कठोर कार्रवाई की जाएगी।





