Prabhat Chingari
उत्तराखंडराजनीती

भाजपा ने दो नए चेहरों पर खेला दांव, उत्तराखंड की इन दो सीटों हरिद्वार और पौड़ी पर ये होंगे नए चेहरे

देहरादून : लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी कर दी है। केंद्रीय नेतृत्व ने उत्तराखंड में आज हरिद्वार और गढ़वाल सीट पर बने सस्पेंस को दूर करते हुए प्रत्याशियों की घोषणा कर फिर चौंका दिया। पाटी ने दो पूर्व सीएम का पत्ता काट दिया। भाजपा ने गढ़वाल सीट पर पूर्व सांसद व पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी तो हरिद्वार से पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत पर दांव लगाया है। वहीं, अभी तक गढ़वाल सीट से पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत और हरिद्वार से पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशंक सांसद हैं। वहीं, अनिल बलूनी पीएम मोदी के भी करीबी माने जाते हैं।

बता दें कि पहली सूची में भाजपा ने टिहरी गढ़वाल, नैनीताल और अल्मोड़ा लोकसभा सीट से प्रत्याशी घोषित किए थे। इन तीनों ही सीटों पर प्रत्याशी रिपीट किए गए थे। टिहरी गढ़वाल सीट से माला राज्यलक्ष्मी शाह, नैनीताल सीट से अजय भट्ट और अल्मोड़ा सीट से अजय टम्टा को उम्मीदवार बनाया गया है।

बता दें कि, उत्तराखंड में पांच लोकसभा सीट है। भाजपा इस बार पांचों सीटों में जीतकर हैट्रिक बनाना चाहती है। वहीं, कांग्रेस ने अभी केवल तीन ही सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा की है।
संघ के प्रचारक से सीएम की कुर्सी तक ऐसे पहुंचे थे त्रिवेंद्र सिंह रावत
त्रिवेंद्र सिंह रावत का राजनीतिक सफर 1979 में शुरू हुआ था। इसी वर्ष त्रिवेंद्र सिंह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े थे। 1981 में उन्होंने संघ के प्रचारक के रूप में काम करने का संकल्प लिया। 1985 में त्रिवेंद्र सिंह रावत देहरादून महानगर के प्रचारक बने। इसके बाद 1993 में वे भाजपा के क्षेत्रीय संगठन मंत्री बने। इस दौरान वे पार्टी में अहम भूमिका में रहे। इसके बाद 1997 में त्रिवेंद्र सिंह रावत भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री बने। साल 2002 में वे दोबारा भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री बने।

2002 में उन्होंने डोईवाला विधानसभा से चुनाव लड़ा। उन्होंने विधानसभा चुनाव में डोईवाला सीट से जीत हासिल की थी। 2007 में डोईवाला विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से उत्तराखंड विधान सभा के लिए भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में वे विजयी हुए। भारतीय जनता पार्टी के मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बने। 2017 में डोईवाला विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से उत्तराखंड विधान सभा के लिए भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में विजयी हुए। इसके बाद 17 मार्च 2017 को उन्हें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की कमान सौंपी गई थी। इसके बाद मार्च 2021 में उन्होंने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था।

Related posts

भीषण अग्निकांड से प्रभावित परिवार से विधायक दुर्गेश्वर लाल ने करी मुलाकात

prabhatchingari

जीडीसी और वेव्स में भारतीय प्रतिभा की चमक, गेमिंग स्टार्टअप और छात्र करेंगे वैश्विक मंच पर प्रदर्शन

prabhatchingari

सूर्यकांत धस्माना ने दून अस्पताल का किया दौरा, अस्पताल के बर्न वार्ड के प्रभारी सर्जन व मरीजों से मिले

prabhatchingari

चकराता कैंट रोड पर दुर्घटनाग्रस्त हुए वाहन से SDRF ने रेस्क्यू कर 02 को निकाला सुरक्षित……

prabhatchingari

श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के पंचम दीक्षांत समारोह में पेस्टल वीड कॉलेज के छात्राएं गोल्ड मेडल से सम्मानित

prabhatchingari

धामी कैबिनेट की बैठक मे लिए गए यह अहम फैसले

prabhatchingari

Leave a Comment