देहरादून,। वैकुण्ठ एकादशी एवं गीता जयंती के पावन अवसर पर उत्तराखंड राज्य नेपाली भाषा समिति के तत्वावधान में गोर्खाली सुधार सभा के मानेकशा सभागार में सामूहिक गीता वाचन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और पुष्प अर्पण से हुई। आचार्य पं. कृष्ण प्रसाद पंथी के सानिध्य में “श्री कृष्णामृत प्रबोधिनी (नेपाली श्लोकानुवाद)” पुस्तक का सामूहिक पाठ हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। गोर्खाली सुधार सभा के अध्यक्ष पदम सिंह थापा ने कहा कि गीता का संदेश जीवन को सही दिशा प्रदान करता है और प्रत्येक व्यक्ति को धर्म और राष्ट्र सेवा के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। भारतीय नेपाली ब्राह्मण समिति के अध्यक्ष पं. राम प्रसाद उपाध्याय ने नेपाली श्लोकानुवाद में प्रकाशित “श्री कृष्णामृत प्रबोधिनी” की सराहना करते हुए कहा कि इससे नेपाली भाषी पाठकों के लिए गीता का अध्ययन सरल हुआ है। उत्तराखंड राज्य नेपाली भाषा समिति के अध्यक्ष मधुसूदन शर्मा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से सनातन संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने भविष्य में कार्यक्रम को और विस्तृत रूप में आयोजित करने की बात कही। कार्यक्रम का संचालन पूजा सुब्बा चंद ने किया।भगवान आरती के बाद उपस्थित ब्राह्मण धर्माचार्यों का तिलक कर प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित:आचार्य पं. रामप्रसाद पंथी, आचार्य पं. कृष्ण प्रसाद पंथी, राम प्रसाद उपाध्याय, खगेश्वर प्रसाद पंथी, पदम प्रसाद पंथी, गोविन्द प्रसाद पंथी, बलराम उपाध्याय, जगदीश खनाल, रामजी पौडेल, कर्नल डी.एस. खड़का, श्री बी.के. बराल, गोपाल सिंह छेत्री, राजेंद्र मल्ल, संजय थापा, सुशील भंडारी, उदय ठाकुर, नील कमल चंद, ज्योति कोटिया, श्रीमती शांता पंथी, कविता गुरुंग, पूर्णिमा प्रधान, पी.एन. शेर्पा, अशोक बल्लभ, पूजा सुब्बा चंद आदि।
कार्यक्रम के दौरान आचार्य पं. कृष्ण प्रसाद पंथी द्वारा रचित “श्री कृष्णामृत प्रबोधिनी” पुस्तक का निःशुल्क वितरण भी किया गया।
