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ओलंपस हाई में ‘कम्पैशन इन एक्शन’ अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

By: Naveen Joshi

On: Wednesday, February 11, 2026 1:30 PM

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, देहरादून* : ओलंपस हाई में विद्यालय परिसर के भीतर तीन दिवसीय अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम “कम्पैशन इन एक्शन” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सहभागितापूर्ण, चिंतनशील और रचनात्मक शिक्षण पद्धतियों के माध्यम से विद्यार्थियों में करुणा, शांति, अहिंसा, सहानुभूति और नैतिक उत्तरदायित्व जैसे मूल्यों का विकास करना था। यह पहल एक सार्थक सांस्कृतिक आदान-प्रदान का माध्यम भी बनी, जिसमें ओलंपस हाई के 40 विद्यार्थियों के साथ तिब्बतन चिल्ड्रन्स विलेज स्कूल के 40 विद्यार्थियों ने भाग लिया। साझा शिक्षण अनुभवों के माध्यम से आपसी समझ, सहयोग और सामाजिक समरसता को बढ़ावा दिया गया।

 

कार्यक्रम में ओलंपस हाई के प्रबंध निदेशक डॉ. कुनाल शमशेर मल्ला और अकादमिक निदेशक डॉ. अनुराधा पुंडीर मल्ला की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्हें अपने शैक्षणिक जीवन और दैनिक व्यवहार में सहानुभूति, दयालुता और नैतिक जिम्मेदारी को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया। इस पहल का नेतृत्व एम्पावरिंग द विज़न प्रोजेक्ट (ईवीपी) के सह-संस्थापक एवं प्रबंध न्यासी यूडॉन औकार्त्संग ने किया। उनके साथ लूनर एनर्जी एनजीओ की संस्थापक जया अय्यर, ईवीपी के निदेशक त्सेरिंग ग्याल्पो और मनारा एनजीओ की संस्थापक शैली ने भी सहभागिता की। सभी वक्ताओं ने करुणामूलक शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सामाजिक रूप से उत्तरदायी और नैतिक रूप से सशक्त व्यक्तित्व निर्माण पर बल दिया।

 

कार्यक्रम की शुरुआत प्रतिभागियों के आगमन और स्वागत सत्र के साथ हुई। इंटरैक्टिव आइस-ब्रेकर और ‘बडी फॉर्मेशन’ गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में सहजता, अपनापन और आपसी विश्वास विकसित किया गया। सीआईए टीम द्वारा आयोजित भूमिका-अभिनय और फोरम प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों को करुणा, सहानुभूति और नैतिक चेतना जैसे मूल विषयों से परिचित कराया गया, जिससे वास्तविक जीवन की परिस्थितियों पर चिंतन और रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहन मिला।

 

दूसरे दिन की शुरुआत पुनरावलोकन और आत्ममंथन सत्र से हुई, जिसमें विद्यार्थियों ने अब तक की सीख को दोहराया। इसके पश्चात समूह गतिविधियों के माध्यम से सहयोग, टीमवर्क और आलोचनात्मक सोच को बढ़ावा दिया गया। एक प्रभावशाली अनुभवात्मक सत्र में विद्यार्थियों को अपनी आंतरिक शक्तियों, रुचियों और जीवन उद्देश्य को पहचानने का अवसर मिला, जिससे वे करुणा और आत्म-जागरूकता के साथ अपनी क्षमताओं का सकारात्मक उपयोग करने के लिए प्रेरित हुए।

 

शिक्षण यात्रा को रंगमंच, कला और रचनात्मक लेखन गतिविधियों ने और समृद्ध बनाया, जिनके माध्यम से विद्यार्थियों ने करुणा को विभिन्न दृष्टिकोणों से समझा। शोर्ट फिल्मों के प्रदर्शन और उसके बाद हुई मार्गदर्शित चर्चाओं ने सहानुभूति, सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय मूल्यों की समझ को और गहरा किया। साथ ही, मार्गदर्शकों के सत्रों और आपसी बंधन गतिविधियों ने समूह गतिशीलता और सहपाठी संबंधों को सुदृढ़ किया।

 

अंतिम दिन विद्यार्थियों ने अपने समूह कार्य प्रस्तुत किए और कार्यक्रम के दौरान प्राप्त अनुभवों, सीख और अंतर्दृष्टियों को साझा किया। व्यापक आत्ममंथन और फीडबैक सत्र में प्रतिभागियों ने अपनी व्यक्तिगत उपलब्धियों और सीख को अभिव्यक्त किया। इसके पश्चात औपचारिक समापन सत्र के साथ ‘कम्पैशन इन एक्शन’ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

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