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दिल में छेद की जटिल सर्जरी सफल, मैक्स हॉस्पिटल ने रचा नया कीर्तिमान

By: Naveen Joshi

On: Saturday, November 29, 2025 12:49 PM

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देहरादून,  मैक्स हॉस्पिटल, देहरादून ने दिल में छेद (एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट- ASD) से जूझ रहे 32 वर्षीय मरीज पर ट्रांस-एक्सिलरी मिनिमली इनवेसिव ASD क्लोजर कर एक बड़ी चिकित्सा उपलब्धि हासिल की है। यह उन्नत कार्डियक तकनीक बांह के नीचे छोटे चीरे के माध्यम से की जाती है, जो पारंपरिक दिल की सर्जरी की तुलना में अधिक सुरक्षित, कम दर्दनाक और तेज़ रिकवरी वाली मानी जाती है।

 

मरीज रूपेंद्र चौहान जन्मजात हार्ट डिफेक्ट के साथ जी रहे थे, लेकिन उन्हें कभी कोई लक्षण नहीं दिखा। हाल ही में सांस फूलने की समस्या बढ़ने पर उन्होंने मैक्स हॉस्पिटल में परामर्श लिया। विस्तृत जांच में बड़ा ASD और एन्यूरिज्मल सेप्टल टिशू पाया गया। इसके बाद कार्डियक सर्जरी (CTVS) व वैस्कुलर सर्जरी के विजिटिंग कंसल्टेंट डॉ. रवि कुमार सिंह की टीम ने उन्नत तकनीक से ऑपरेशन का निर्णय लिया।

 

डॉ. सिंह ने बताया कि मिनिमली इनवेसिव ट्रांस-एक्सिलरी तकनीक में छाती की हड्डी काटने की आवश्यकता नहीं पड़ती। “यह तरीका कॉस्मेटिक रूप से बेहतर होने के साथ कम दर्द, कम रक्तस्राव और जल्दी रिकवरी सुनिश्चित करता है,” उन्होंने कहा।

 

जहाँ पारंपरिक ASD सर्जरी के बाद 7-8 दिनों का अस्पताल प्रवास आवश्यक होता है, वहीं मरीज को तीसरे दिन ही स्वस्थ अवस्था में छुट्टी दे दी गई। वह दर्दमुक्त था और स्वयं वाहन चलाकर घर जाने की स्थिति में था। अस्पताल प्रशासन के अनुसार युवा मरीजों के लिए यह तकनीक बेहद लाभकारी साबित हो रही है।

 

ASD के लिए ट्रांस-एक्सिलरी मिनिमली इनवेसिव अप्रोच अभी भी दुर्लभ माना जाता है और इसके लिए उच्च-स्तरीय विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है। मैक्स हॉस्पिटल, देहरादून उन्नत कार्डियक सर्जरी तकनीकों को उपलब्ध कराकर राज्य में आधुनिक हृदय-चिकित्सा सुविधाओं के नए मानक स्थापित कर रहा है।

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