देहरादून, यूके ट्रिपल एससी स्नातक स्तरीय परीक्षा पेपर लीक मामले को एक महीना बीतने पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (संगठन) सूर्यकांत धस्माना ने राज्य सरकार और आंदोलनकारी नेताओं दोनों पर तीखा प्रहार किया। श्री धस्माना ने कहा कि 21 सितंबर को परीक्षा लीक हुई थी, जिस दिन कांग्रेस ने सरकार से तीन प्रमुख मांगें की थीं — सीबीआई जांच, परीक्षा निरस्तीकरण व पुनः परीक्षा, और यूके ट्रिपल एससी अध्यक्ष गणेश मर्तोलिया की बर्खास्तगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और युवाओं के दबाव में आकर सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश और न्यायिक जांच आयोग का गठन किया था। आयोग ने अपनी रिपोर्ट कुछ ही दिनों में सौंप दी और परीक्षा निरस्त कर नई तिथि भी घोषित कर दी गई। लेकिन अब एक माह बीत जाने के बाद भी सीबीआई जांच का कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।
धस्माना ने कहा कि “सरकार पहले तो पेपर लीक मानने को तैयार नहीं थी और कांग्रेस पर युवाओं को भटकाने का आरोप लगा रही थी, लेकिन बाद में जब सीबीआई जांच की संस्तुति और परीक्षा निरस्त करने का फैसला हुआ, तो वही आंदोलनकारी नेता सरकार का धन्यवाद करने लगे।”
उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री की सिफारिश के बावजूद अब तक सीबीआई जांच की स्थिति क्या है? पेपर लीक कराने वालों का खुलासा कब होगा? और सबसे अहम — यूके ट्रिपल एससी अध्यक्ष गणेश मर्तोलिया को पद से क्यों नहीं हटाया गया?
धस्माना ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द संतोषजनक जवाब नहीं देती, तो कांग्रेस आंदोलन की अगली रणनीति तय करेगी।
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पत्रकारों के सवाल पर धस्माना ने कहा कि भाजपा विधायक खजान दास और वरिष्ठ नेता बिशन सिंह चुफाल के बयानों ने कांग्रेस के आरोपों की पुष्टि कर दी है।
उन्होंने कहा कि खजान दास ने स्वीकार किया है कि प्रभारी मंत्री अपने जिलों में नहीं जा रहे, जबकि बिशन सिंह चुफाल ने ऑन कैमरा यह कहा है कि अधिकारी मुख्यमंत्री और मंत्रियों के आदेश नहीं मान रहे हैं।
धस्माना ने कहा, “कांग्रेस लंबे समय से कहती आ रही है कि राज्य में नौकरशाही बेलगाम हो चुकी है। अब भाजपा के वरिष्ठ नेता भी यही बात कह रहे हैं — इससे साबित होता है कि कांग्रेस के आरोप सही थे।”
