देहरादून। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन की शुरुआत “शिक्षा की भारतीय संकल्पना: वर्तमान शैक्षिक परिदृश्य एवं हमारी भूमिका” विषयक मुख्य भाषण सत्र से हुई। सत्र में अभाविप के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) राजशरण शाही ने अपने उद्बोधन में भारतीय शिक्षा मॉडल, युवाओं की भूमिका और भविष्य की आवश्यकताओं पर विस्तार से विचार रखे।
मुख्य सत्र के बाद दिनभर पाँच समानांतर सत्र आयोजित किए गए, जिनमें वैश्विक Gen-Z आंदोलन एवं भारतीय युवा, AI चैट GPT एवं शिक्षा, बांग्लादेशी घुसपैठ एवं SIR समसामयिक मुद्दे, जनसंख्या असंतुलन एवं विकसित भारत का लक्ष्य तथा ऑपरेशन सिंदूर एवं बदलता सुरक्षा परिदृश्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने गहन विमर्श किया।
प्रतिभागियों ने इन सत्रों को समसामयिक चुनौतियों के समाधान और युवा शक्ति की दिशा तय करने में अत्यंत उपयोगी बताया।
