हरिद्वार,। धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान आस्था, सेवा और श्रद्धा का अनुपम दृश्य देखने को मिला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देवभूमि उत्तराखंड ने देशभर से पहुंचे शिवभक्त कांवड़ियों का पुष्पवर्षा, चरण प्रक्षालन और सम्मान समारोह के माध्यम से भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवा शिविर का शुभारंभ किया, शिवभक्तों को अपने हाथों से भोजन परोसा तथा कांवड़ यात्रा को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पाँच पुलिसकर्मियों और पाँच पर्यावरण मित्रों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री के हरिद्वार आगमन पर हरकी पैड़ी से लेकर कांवड़ यात्रा मार्ग तक हेलीकॉप्टर से शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा की गई। अलकनंदा होटल परिसर में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने पाँच शिवभक्त कांवड़ियों का विधिवत चरण प्रक्षालन कर उनका सम्मान किया। इस दौरान पूरा परिसर “बम-बम भोले” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा।
मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्थापित मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवा शिविर का उद्घाटन करते हुए वहां उपलब्ध चिकित्सा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान प्रत्येक श्रद्धालु को समय पर उपचार, आवश्यक दवाइयां और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके बाद मुख्यमंत्री शिवभक्तों के बीच पहुंचे और अपने हाथों से उन्हें भोजन परोसकर सेवा भाव का संदेश दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार का संकल्प है कि देवभूमि आने वाला प्रत्येक शिवभक्त सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक वातावरण में अपनी यात्रा पूर्ण करे। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का विराट उत्सव है, जिसके सफल संचालन के लिए सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पाँच वर्षों से उन्हें कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की सेवा का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास के केंद्र हैं तथा कठिन परिस्थितियों में भी श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर की पदयात्रा कर अपनी अटूट भक्ति का परिचय देते हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अब तक एक करोड़ से अधिक शिवभक्त गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का अभूतपूर्व विकास हुआ है। काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक, श्रीराम जन्मभूमि, केदारनाथ धाम पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ मास्टर प्लान जैसी परियोजनाएं भारतीय संस्कृति को वैश्विक पहचान दिला रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ धाम का भव्य पुनर्निर्माण हुआ है और हरिद्वार में प्रस्तावित गंगा कॉरिडोर तथा शारदा कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं धार्मिक पर्यटन को नई गति देंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए यात्रा मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी, एंबुलेंस सेवाएं, स्वास्थ्य शिविर तथा आपातकालीन सहायता व्यवस्थाएं सुदृढ़ की गई हैं। उन्होंने शिवभक्तों से यात्रा के दौरान अनुशासन, मर्यादा और धार्मिक परंपराओं का पालन करने की अपील की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा के सफल संचालन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पाँच पुलिसकर्मियों तथा पाँच पर्यावरण मित्रों को सम्मानित करते हुए कहा कि यह सम्मान उन सभी कर्मयोगियों के प्रति राज्य की कृतज्ञता का प्रतीक है, जो सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए दिन-रात समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं।
कार्यक्रम में महामण्डलेश्वर ललितानंद गिरी महाराज सहित अनेक संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़िए उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने किया।









