देहरादून। श्री दरबार साहिब परिसर में 8 मार्च को श्री झण्डे जी के आरोहण के साथ आरंभ हुआ ऐतिहासिक श्री झण्डे जी महोत्सव इन दिनों पूरे उत्कर्ष पर है। देश-विदेश से आई संगतें झण्डे जी आरोहण का साक्षी बनने के बाद अपने-अपने क्षेत्रों को लौट चुकी हैं, लेकिन अब देहरादून और आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालुओं का तांता लगातार श्री दरबार साहिब पहुंच रहा है। श्रद्धालु बड़ी आस्था के साथ श्री झण्डे जी और दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।
8 मार्च को झण्डे जी आरोहण के बाद 15 मार्च को पहला रविवार होने के कारण मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। अवकाश का दिन होने से सुबह से ही दरबार साहिब परिसर और मेला स्थल पर चहल-पहल बनी रही। शनिवार को भी दून और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज पहुंचे और श्री झण्डे जी पर शीश नवाकर अपनी मनौतियां मांगीं।
दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज के सज्जादे गद्दीनशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने श्रद्धालुओं को दर्शन देकर आशीर्वाद प्रदान किया और श्री झण्डे जी मेले की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि श्री गुरु राम राय जी महाराज की कृपा से हर भक्त की झोली भरती है और उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
श्री झण्डे जी महोत्सव के अवसर पर लगा विशाल बाजार इन दिनों दूनवासियों से गुलजार है। दूर-दराज से आए व्यापारियों की दुकानों पर खरीदारी के लिए लोगों की अच्छी खासी भीड़ देखी जा रही है। रंग-बिरंगी दुकानों, पारंपरिक सामान, खिलौनों, मिठाइयों और घरेलू वस्तुओं की खरीदारी करते हुए लोग मेले का भरपूर आनंद ले रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से मेला स्थल पर इतनी भीड़ उमड़ रही है कि वहां तिल रखने की भी जगह नहीं बच रही।
मेले में लगे विभिन्न झूले और मनोरंजन के साधन बच्चों व युवाओं के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। झूलों की रौनक और बच्चों की खिलखिलाहट से पूरा मेला परिसर जीवंत नजर आ रहा है।
वहीं श्री दरबार साहिब स्थित पवित्र सरोवर की सुंदरता भी इन दिनों देखते ही बन रही है। आकर्षक विद्युत सज्जा और रोशनी से जगमगाता सरोवर रात के समय अद्भुत दृश्य प्रस्तुत कर रहा है। सरोवर के चारों ओर श्रद्धालु इस दिव्य आभा को निहारते हुए दिखाई देते हैं और बड़ी संख्या में लोग यहां परिवार व मित्रों के साथ तस्वीरें खिंचवाते नजर आ रहे हैं।
शाम ढलते ही मेला स्थल की रौनक और भी बढ़ जाती है। श्रद्धालु दर्शन के साथ-साथ मेले की चहल-पहल और बाजार की रौनक का आनंद लेते दिखाई देते हैं। आस्था, उल्लास और सांस्कृतिक रंगों से सजा यह ऐतिहासिक मेला दूनवासियों के साथ-साथ बाहर से आए आगंतुकों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
