एमडीडीए ने तैयार की रणनीति, हर बुधवार चलेगा सघन स्वच्छता अभियान
देहरादून। आईएसबीटी शहर का सबसे व्यस्त परिवहन केंद्र है, जहां रोजाना हजारों यात्री आते–जाते हैं। ऐसे में स्वच्छता और सुव्यवस्थित प्रबंधन और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल में आईएसबीटी का औचक निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने स्वयं झाड़ू लगाकर संदेश दिया कि स्वच्छता केवल सरकारी दायित्व नहीं बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और आईएसबीटी जैसे संवेदनशील केंद्र पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) तत्परता के साथ मैदान में उतरा। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने आईएसबीटी और एमडीडीए अधिकारियों के साथ बैठक कर सफाई व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि 24 घंटे स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए तथा जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से तय हों, ताकि किसी भी स्तर पर उदासीनता न रहे।
आईएसबीटी में व्यापक स्वच्छता अभियान, निर्देशों के क्रम में आज आईएसबीटी परिसर में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। एमडीडीए व आईएसबीटी कार्यालय के सभी कर्मचारियों ने सक्रियता से सहभागिता की। परिसर और मुख्य मार्ग तक सफाई की गई। नालियों की सफाई, प्रतीक्षालयों और विभिन्न ब्लॉकों की धुलाई के साथ कूड़ा पूर्ण रूप से हटाया गया। अभियान के दौरान परिवहन निगम और निजी बस ऑपरेटरों के चालकों व परिचालकों को भी जागरूक किया गया। उन्हें पॉलिथीन बैग प्रदान कर बसों का कचरा खुले में न फेंकने और निर्धारित डस्टबिन में डालने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों का कहना है कि वाहन कर्मियों के सहयोग से परिसर की स्वच्छता व्यवस्था में बड़ा सुधार संभव है।
हर बुधवार चलेगा सघन अभियान, उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देश पर अब आईएसबीटी के समस्त कर्मचारी प्रत्येक बुधवार को सघन स्वच्छता अभियान चलाएंगे। यह अभियान औपचारिकता नहीं बल्कि व्यवस्थित और निरंतर प्रयास होगा। शौचालयों, पेयजल स्थलों, प्लेटफॉर्म्स और प्रतीक्षालयों की विशेष सफाई की जाएगी, ताकि यात्रियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके। जनसहभागिता से बदलेगा आईएसबीटी का चेहरा उपाध्यक्ष तिवारी ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता में जनजागरूकता अत्यंत आवश्यक है। यात्रियों, वाहन चालकों और कर्मचारियों को लगातार प्रेरित किया जा रहा है कि स्वच्छता को आदत बनाएं, कचरा डस्टबिन में डालें और परिसर को स्वच्छ रखने में सहयोग दें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के औचक निरीक्षण ने प्रशासन को सक्रिय किया है और एमडीडीए का नियमित अभियान दर्शाता है कि प्रशासन और जनता मिलकर काम करें तो परिवर्तन निश्चित है। आईएसबीटी को स्वच्छता के आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करने की यह पहल न केवल परिवहन केंद्र को बेहतर बनाएगी, बल्कि देहरादून शहर की समग्र छवि को भी नई पहचान दिलाएगी।
