*उत्तराखंड का धारी देवी मंदिर जहां मां बदलती हैं दिन में तीन रूप*
चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )
देवभूमि उत्तराखंड में माँ धारी देवी का द्वापर युग का एक ऐसा प्राचीन मंदिर हे जो श्रीनगर से थोड़ी दूरी पर स्थित है। प्रकाश सिंह ने बताया कि यहां मां के कई चमत्कार देखने को मिलते हैं।
पौराणिक कथा के अनुसार ऊपरी भाग को देवी काली का रूप माना जाता है जबकि निचला भाग कालीमठ में है। इस मंदिर में मौजूद माता की मूर्ति दिन में तीन बार अपना रूप बदलती हैं। जिसे देखकर हर कोई हैरान हो जाता है।
उत्तराखंड के इस मंदिर का नाम धारी देवी मंदिर है। मंदिर में स्थापित मां की मूर्ति सुबह एक कन्या, दोपहर में युवती और शाम को एक बूढ़ी महिला की तरह दिखाई देती है। ये मंदिर देवी काली को समर्पित है। मां धारी देवी का ये खूबसूरत मंदिर झील के बीचों-बीच बना हुआ है। एक
पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार भीषण बाढ़ से मंदिर बह गया था, साथ ही साथ उसमें मौजूद माता की मूर्ति भी बह गई और वह धारो गांव के पास एक चट्टान से टकराकर रुक गई, कहते हैं कि उस मूर्ति से एक ईश्वरीय आवाज निकली, जिसने गांव वालों को उस जगह पर मूर्ति स्थापित करने का निर्देश दिया। इसके बाद गांव वालों ने मिलकर वहां माता का मंदिर बना दिया पुजारियों की मानें तो मंदिर में मां धारी की प्रतिमा द्वापर
युग से ही स्थापित है। स्थानीय लोगों की मानें तो मां धारी के मंदिर को साल 2013 में तोड़ दिया गया था और उनकी मूर्ति को उनके मूल स्थान से हटा दी गई थी। जिसके बाद राज्य में भयानक बाढ़ आई थी। इसमें हजारों लोग मारे गए थे क्योंकि धारी देवी उत्तराखंड की सरंक्षक एंव चार धामों की रक्षक है।





