देहरादून। परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज एवं आचार्य श्री समयसागर जी महामुनिराज की परम शिष्या पूज्य गुरुमाँ पूर्णमति माताजी के मंगलमय सानिध्य में गांधी रोड स्थित जैन भवन में चातुर्मास के अंतर्गत मंगल कलश स्थापना महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। पावन आयोजन में भगवान श्रीजी के जयघोष, वैदिक मंत्रोच्चार एवं भक्तिमय वातावरण के बीच श्रद्धालुओं ने कलश स्थापना कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 6 बजे मंगलाष्टक के साथ हुआ। इसके उपरांत अभिषेक, शांतिधारा एवं गुरुमाँ पूर्णमति माताजी के मंगल प्रवचन से वातावरण धर्ममय हो उठा। प्रवचन के पश्चात विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य मंगल कलशों की स्थापना संपन्न हुई। पुण्यार्जक परिवारों को ससम्मान मंच पर आमंत्रित किया गया, जहाँ उन्होंने मूलनायक भगवान के समवशरण में अपने कर-कमलों से कलश स्थापित कर धर्मलाभ प्राप्त किया।
इस अवसर पर उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री खजान दास अतिविशिष्ट अतिथि तथा विशाल गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। सभी अतिथियों ने गुरुमाँ पूर्णमति माताजी का श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा जैन समाज को चातुर्मास की शुभकामनाएँ देते हुए धर्म, संस्कृति एवं आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण का संदेश दिया। गुरुमाँ पूर्णमति माताजी ने भी उपस्थित श्रद्धालुओं को मंगल आशीर्वचन प्रदान करते हुए धर्ममय जीवन अपनाने की प्रेरणा दी।
मीडिया समन्वयक मधु जैन ने बताया कि चातुर्मास मुख्य कलश स्थापना का सौभाग्य विनोद जैन एवं कमलेश जैन, शैलवाला जैन, राजीव जैन–प्रीति जैन तथा अक्षय जैन–नेहा जैन (फोम हाउस परिवार) को प्राप्त हुआ। चातुर्मास मंगल कलश की स्थापना अमित जैन, आशु जैन, हर्ष जैन एवं कु. वैदिका जैन (चूने वाले परिवार) तथा कावेदी ज्वेलर्स परिवार के आशीष जैन एवं नेहा जैन द्वारा की गई।
आचार्य विद्यासागर कलश की स्थापना दिनेश जैन–बबीता जैन, आकाश जैन–साक्षी जैन, अक्षय जैन–मिसी जैन, वैशाली जैन, आर्निक जैन तथा कु. काव्या एवं नव्या जैन ने की। वहीं आचार्य समयसागर कलश बीना जैन, अमित जैन–अरुवा जैन, राहुल जैन, मुक्ता जैन एवं सिद्धार्थ मेडिकल परिवार द्वारा तथा गुरुमाँ पूर्णमति माताजी कलश अमित जैन, पूनम जैन एवं परिवार द्वारा स्थापित किया गया।
इस पावन धार्मिक आयोजन में देहरादून के साथ-साथ हरिद्वार, ऋषिकेश, विकासनगर, आगरा, दिल्ली, मुज़फ्फरनगर, रुड़की तथा मध्य प्रदेश सहित विभिन्न नगरों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। भगवान श्रीजी के समक्ष मंत्रोच्चार एवं भक्तिभाव के साथ संपन्न हुए इस आयोजन ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा और धर्ममय उल्लास से सराबोर कर दिया।









