देहरादून, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देशों के अनुपालन में जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में चलाए जा रहे सघन सत्यापन एवं चेकिंग अभियान के दौरान दून पुलिस ने संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए एक लापता बालक को उसके परिजनों से मिलाकर सराहनीय कार्य किया है।
थाना त्यूनी क्षेत्र में चलाए जा रहे सत्यापन अभियान के दौरान पुलिस टीम को त्यूनी बाजार में लगभग 15-16 वर्षीय एक बालक बदहवास हालत में घूमता हुआ मिला। पुलिस टीम द्वारा बालक से बातचीत करने का प्रयास किया गया, किंतु उसके सुनने और बोलने में असमर्थ होने के कारण उससे कोई जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बालक को सुरक्षा की दृष्टि से थाना त्यूनी लाया गया।
बालक की पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा उसकी फोटो सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित की गई तथा आसपास के थानों और जनपदों को भी आवश्यक सूचना दी गई। लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप पुलिस को जानकारी मिली कि बालक ग्राम मोड़ा, थाना मोरी, जनपद उत्तरकाशी का निवासी है।
सूचना की पुष्टि होने के उपरांत पुलिस टीम द्वारा परिजनों से संपर्क स्थापित कर दिनांक 17 फरवरी 2026 को उन्हें थाना त्यूनी बुलाया गया, जहां आवश्यक औपचारिकताओं के बाद बालक को सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया गया।
पूछताछ में परिजनों ने बताया कि बालक मानसिक रूप से पूर्णतः स्वस्थ नहीं है तथा वह सुनने, बोलने और सामान्य बातों को समझने में भी असमर्थ है। लगभग एक माह पूर्व वह बिना बताए घर से चला गया था, जिसके बाद परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे।
अपने लापता पुत्र को सुरक्षित वापस पाकर परिजनों की आंखें खुशी से नम हो उठीं। उन्होंने उत्तराखंड पुलिस की संवेदनशील कार्यशैली की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए दून पुलिस का आभार व्यक्त किया।
दून पुलिस की इस मानवीय पहल ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि समाज की उम्मीदों का भी मजबूत सहारा है।
