देहरादून। ओडिशा के मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने अपने प्रेस दौरे के अंतिम चरण में दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून एक्सप्रेसवे परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राजमार्ग निर्माण में अपनाई जा रही वन्यजीव-अनुकूल और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। दौरे का उद्देश्य यह समझना था कि आधुनिक राजमार्ग अवसंरचना किस प्रकार स्थिरता और वन्यजीव संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए विकसित की जा रही है।
प्रतिनिधिमंडल का स्वागत PIU वसंत विहार के परियोजना निदेशक सौरभ सिंह ने किया। उन्होंने एक्सप्रेसवे की प्रगति और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने में इसकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और पूरे क्षेत्र में परिवहन व्यवस्था अधिक दक्ष बनेगी।
अधिकारियों ने बताया कि राजाजी राष्ट्रीय उद्यान के समीप स्थित पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में निर्माण के दौरान विशेष सावधानी बरती जा रही है। वन्यजीवों की सुरक्षा और उनकी प्राकृतिक आवाजाही को बनाए रखने के लिए परियोजना में कई अभिनव इंजीनियरिंग उपाय शामिल किए गए हैं।
दौरे के दौरान राजाजी राष्ट्रीय वन रेंज के एसडीओ अजय लिंगवाल ने एनएचएआई के साइट इंजीनियर सुमित सिंह के साथ प्रतिनिधिमंडल को परियोजना में किए जा रहे वन्यजीव संरक्षण उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक्सप्रेसवे में वन्यजीवों के लिए समर्पित अंडरपास, इको-ब्रिज और प्राकृतिक गलियारों का निर्माण किया जा रहा है, ताकि जानवर सुरक्षित रूप से राजमार्ग पार कर सकें और उनके आवास प्रभावित न हों।
अधिकारियों के अनुसार इन व्यवस्थाओं को विस्तृत पारिस्थितिक अध्ययनों के आधार पर डिजाइन किया गया है। इससे वन्यजीवों से जुड़े सड़क हादसों की संभावना कम होगी और क्षेत्र की पारिस्थितिक निरंतरता भी बनी रहेगी।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने परियोजना की योजनाबद्धता और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि यह एक्सप्रेसवे सतत विकास का एक उदाहरण है, जहाँ बुनियादी ढांचे का विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं।
इस मीडिया प्रतिनिधिमंडल में ओडिशा के विभिन्न मीडिया संस्थानों के नौ वरिष्ठ पत्रकार और संपादक शामिल थे।
