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धर्म और राजनीति का सहअस्तित्व ही लोकमंगल का आधार : स्वामी रसिक महाराज

By: cradmin

On: Saturday, October 25, 2025 12:38 PM

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देहरादून,   पंचदिवसीय दीपोत्सव साधना के समापन अवसर पर हिन्दू धर्मगुरु नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने यमुना कॉलोनी स्थित मंत्री आवास पहुंचकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद  महेंद्र भट्ट से भेंट की और नृसिंह भक्ति सेवा संस्थान रायवाला से जुड़े सदस्यों के साथ उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर अपने संदेश में स्वामी रसिक महाराज ने कहा कि धर्मगुरुओं और राजनीतिज्ञों को अपनी-अपनी मर्यादा में रहकर लोककल्याण के लिए साथ काम करना चाहिए। भारत का धर्म किसी पंथ विशेष की तरह नहीं, बल्कि प्रकृति और मनुष्यता की आदर्श आचार संहिता है। यहां प्राचीन काल से धर्म और राजनीति सहगामी रहे हैं। समाजवादी चिंतक डॉ. राममनोहर लोहिया ने भी कहा था कि “राजनीति अल्पकालिक धर्म है और धर्म दीर्घकालिक राजनीति।” स्वामी रसिक महाराज ने कहा कि धर्म और राजनीति का सहअस्तित्व ही लोकमंगल का साधन है। श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण सदियों पुरानी राष्ट्रीय अभिलाषा थी, जो धर्म और राजनीति के कर्तव्यपालन के एक साथ आने से संभव हुआ। उन्होंने स्पष्ट कहा कि धर्मविहीन राजनीति कभी भी लोकमंगल का उपकरण नहीं बन सकती। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने शाल ओढ़ाकर स्वामी रसिक महाराज का स्वागत किया और हिन्दू धर्म जागरण के लिए उनके प्रयासों को समाजहित में महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में नृसिंह वाटिका आश्रम रायवाला की संचालिका माँ देवेश्वरी जी, भाजपा नेत्री एवं चंबा ब्लॉक प्रमुख  सुमन सजवाण, इंजीनियर अरविन्द सजवाण, प्रभात पंवार, संजीव बालियान, युवा भाजपा नेता उम्मेद सिंह सजवाण एवं नृसिंह भक्ति सेवा संस्थान के कई सदस्य उपस्थित रहे।

 

 

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