देहरादून/ऊधमसिंहनगर, मुख्यमंत्री उत्तराखंड के निर्देशों के क्रम में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जनपद ऊधमसिंहनगर के थाना ट्रांजिट कैम्प क्षेत्र में फर्जी तरीके से संचालित जन सेवा केंद्र का भंडाफोड़ किया है। केंद्र से फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और मार्कशीट तैयार करने में प्रयुक्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ भारी मात्रा में कूटरचित दस्तावेज बरामद किए गए हैं। एक आरोपी को गिरफ्तार कर केंद्र को सील कर दिया गया है।
राज्य में चलाए जा रहे सत्यापन अभियान के तहत पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ के निर्देश पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ श्री अजय सिंह द्वारा सभी टीमों को अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों, घुसपैठियों, बांग्लादेशी नागरिकों तथा संदिग्ध बाहरी व्यक्तियों की पहचान के साथ ही फर्जी जन सेवा केंद्रों एवं फर्जी आधार, आयुष्मान और राशन कार्ड बनाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ श्री विवेक कुमार के पर्यवेक्षण तथा पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ श्री आर.बी. चमोला के निर्देशन में 17 फरवरी 2026 को निरीक्षक विकास चौधरी के नेतृत्व में कुमाऊं यूनिट की टीम ने थाना ट्रांजिट कैम्प पुलिस के साथ संयुक्त छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान गंगवार जन सेवा केंद्र में एक युवक को कंप्यूटर पर फर्जी मार्कशीट तैयार करते रंगे हाथों पकड़ा गया।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान चेतन कुमार (21 वर्ष) पुत्र राजपाल निवासी ग्राम एंचैरा, थाना पटवाई, जिला रामपुर (उ.प्र.) हाल पता गड्डा कॉलोनी, ट्रांजिट कैम्प, जनपद ऊधमसिंहनगर के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पिछले एक वर्ष से यह जन सेवा केंद्र चला रहा था। सिडकुल क्षेत्र के निकट होने के कारण बाहरी राज्यों से आए लोग स्थानीय पहचान पत्र बनवाने के लिए उसके पास आते थे। सिडकुल में स्थानीय अभ्यर्थियों को प्राथमिकता मिलने के चलते आरोपी ग्राहकों की फोटो लेकर विशेष सॉफ्टवेयर के माध्यम से नाम-पता संपादित कर फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार कर मोटी रकम वसूलता था।
तलाशी के दौरान केंद्र से 42 आधार कार्ड, 55 प्लास्टिक पैन कार्ड, 09 मार्कशीट, 01 मॉनिटर, 01 प्रिंटर, 01 सीपीयू तथा 01 बायोमेट्रिक फिंगर स्कैनर बरामद किया गया। प्रारंभिक जांच में बरामद आधार कार्डों पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के पते अंकित पाए गए, जिन्हें कूटरचित कर उत्तराखंड का दर्शाया जाना था।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि आरोपी अब तक लगभग 400 से 500 लोगों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर चुका है। आरोपी के विरुद्ध थाना ट्रांजिट कैम्प में संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
एसटीएफ ने स्पष्ट किया है कि राज्य में इस प्रकार की अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
