डॉक्टरों ने जारी की एडवाइजरी, बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष खतरा
देहरादून, प्रदेश में लगातार बढ़ते तापमान और हीट वेव ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि की संभावना जताई है, जिससे खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कामकाजी लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मामलों में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है।
राजधानी देहरादून में बढ़ती गर्मी के मद्देनज़र डॉक्टरों ने दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। चिकित्सकों के अनुसार अत्यावश्यक स्थिति में बाहर निकलते समय सिर को छाते या कपड़े से ढकें और चेहरे को सुरक्षित रखें। साथ ही शरीर में पानी की कमी से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें।
विशेषज्ञों ने खानपान में सावधानी बरतने पर जोर देते हुए तरबूज, नींबू पानी, जलजीरा और नारियल पानी जैसे पेय पदार्थों को दैनिक आहार में शामिल करने की सलाह दी है।
रायपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस. के. झा ने बताया कि सभी आयु वर्ग के लोगों को इस समय विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शरीर में पानी की कमी न होने दें और हल्के रंग के ढीले-ढाले कपड़े पहनें।
डॉ. झा ने धूम्रपान करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह देते हुए अधिक पानी पीने पर जोर दिया, ताकि डिहाइड्रेशन से बचा जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि हीट वेव के दौरान चक्कर आना, सिरदर्द, तेज बुखार, उल्टी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में संपर्क करें।
प्रशासन ने भी आमजन से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और गर्मी से बचाव के सभी जरूरी उपाय अपनाएं।
सड़क किनारे जूस पीते समय बरतें सावधानी
डॉ. एस. के. झा ने कहा कि सड़क किनारे जूस का सेवन करते समय स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। गंदे पानी के उपयोग से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। साथ ही गन्ने के जूस में बर्फ का कम से कम उपयोग करने की सलाह दी गई है।





