देहरादून , उत्तराखण्ड का आपदा प्रबंधन मॉडल अब अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बनता जा रहा है। इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री जगत सिंह नेगी ने देहरादून स्थित उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) का दौरा किया और यहां लागू तकनीक आधारित व्यवस्थाओं की सराहना की।
दौरे के दौरान मंत्री ने चारधाम यात्रा के लिए विकसित किए गए मॉनिटरिंग सिस्टम, लाइव ट्रैकिंग और अलर्ट मैकेनिज्म का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड द्वारा विकसित यह प्रणाली न केवल तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है, बल्कि आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने में भी बेहद प्रभावी साबित हो रही है। हिमाचल प्रदेश में भी इस तरह की व्यवस्था को लागू करने की तैयारी की जा रही है।
बैठक में दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच आपदा प्रबंधन में समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया। खासतौर पर भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए साझा रणनीति विकसित करने पर चर्चा हुई। सीमावर्ती क्षेत्रों में सूचना के आदान-प्रदान को मजबूत करने के लिए तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी।
उत्तराखण्ड के ‘भूदेव’ ऐप और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को हिमाचल में लागू करने की दिशा में भी सकारात्मक पहल की जा रही है। इसके अलावा क्विक रिस्पांस टीम (QRT) की भूमिका को आपदा प्रबंधन में अहम बताते हुए इसे और मजबूत करने पर बल दिया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक आधारित उत्तराखण्ड मॉडल को अपनाने से हिमाचल प्रदेश में आपदा प्रबंधन की क्षमता और प्रभावशीलता में उल्लेखनीय सुधार होगा।





