देहरादून, डीआईटी विश्वविद्यालय के करियर सेवाएं एवं विकास केंद्र द्वारा NASSCOM के सहयोग से “Workforce Reimagined: AI, Agility & Adaptability in the Current Volatile Geopolitical Scenario” विषय पर मानव संसाधन सम्मेलन 2.0 का सफल आयोजन किया गया। सम्मेलन में ITC Ltd., Hero MotoCorp, Cognizant, Grant Thornton तथा Times Group सहित कई प्रमुख कॉर्पोरेट संगठनों की सहभागिता रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि Dr. Upmit Singh रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कुलपति प्रो. जी. रघुरामा ने स्वागत संबोधन में संगठनों के निर्माण में मानव संसाधन की भूमिका को रेखांकित करते हुए शिक्षा और उद्योग के बीच समन्वय को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थान जहां अनुसंधान व नवाचार को बढ़ावा देते हैं, वहीं उद्योग का अनुभव छात्रों को व्यावहारिक दक्षता प्रदान करता है।
विश्वविद्यालय के मुख्य सलाहकार N. Ravishankar ने कौशल विकास को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए छात्रों को निरंतर सीखने की दिशा में प्रेरित किया। मुख्य अतिथि डॉ. उपमित सिंह ने अपने संबोधन में तेजी से बदलती तकनीकी परिस्थितियों और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भावी नेतृत्व को सक्षम बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान कौशल तेजी से अप्रासंगिक हो रहे हैं, ऐसे में अनुकूलन क्षमता अत्यंत महत्वपूर्ण है।
विशिष्ट अतिथि Arvind Srivastava (अध्यक्ष, मानव संसाधन, अक्यूम्स फार्मा लिमिटेड) ने उद्योग, शिक्षा और नीति-निर्माताओं के बीच सतत सहयोग को आवश्यक बताते हुए भारत की जनसांख्यिकीय क्षमता पर प्रकाश डाला और 2047 तक देश के तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की संभावनाओं को रेखांकित किया।
सम्मेलन में दो प्रमुख विचार-विमर्श सत्र आयोजित किए गए। पहले सत्र में वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों का व्यवसाय और भर्ती प्रक्रियाओं पर प्रभाव, बदलते जॉब रोल्स और करियर रणनीतियों पर चर्चा हुई। दूसरे सत्र में एआई के दौर में मानवीय गुणों—रचनात्मकता, नैतिकता, नेतृत्व एवं अनिश्चित परिस्थितियों में निर्णय क्षमता—की अहमियत पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए वक्ताओं से संवाद किया। साथ ही छात्र परियोजना प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया, जिसे कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों ने सराहा। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य और कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट अधिष्ठाता एवं संयोजक श्री प्रवीण सैवाल द्वारा अतिथियों को स्मृति-चिह्न भेंट करने और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। सम्मेलन ने विश्वविद्यालय की उद्योग-शिक्षा समन्वय को मजबूत करने और छात्रों को वैश्विक कार्यक्षेत्र के लिए तैयार करने की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया।





