Prabhat Chingari
उत्तराखंड

आपके शहर में हुआ आचार संहिता का उल्लंघन, तो ऐसे करें शिकायत, 100 मिनट में होगी कार्रवाई

देहरादून अगर आपके आसपास आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन हो रहा है तो सी-विजिल एप चुनाव आयोग तक शिकायत पहुंचाने में मदद करेगा। कोई आपकी संपत्ति पर बिना अनुमति के प्रचार सामग्री चस्पा कर रहा हो या कहीं मतदान प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है, एक जागरूक नागरिक होने के नाते आप सी-विजिल एप के माध्यम से निर्वाचन विभाग को सजग कर सकते हैं।

आपकी शिकायत का चुनाव आयोग पांच से 100 मिनट के भीतर संज्ञान लेकर निस्तारण करेगा। जिल में आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद से नियमित सी-विजिल एप पर लोग शिकायत दर्ज करा रहे हैँ। अधिकांश शिकायतों में निजी और सार्वजनिक संपत्ति पर प्रचार सामग्री चस्पा करनी की हैं। कुछ लोग वोटर आईडी संबंधी जानकारी हासिल करने के लिए भी एप पर शिकायत दर्ज करा रहे हैं। विभाग की ओर से ऐसे लोगों को उचित सलाह दी जा रही है। जबकि दर्ज शिकायतों का उचित माध्यमों से निदान किया जा रहा है। जिले में अब तक सी-विजिल एप पर दर्ज 168 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है।

आचार संहिता का पालन कराने के लिए सी-विजिल एप महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। एप के सफल संचालन के लिए जिले में कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। सी-विजिल टीम की शिकायतों पर 24 घंटे निगरानी रहती है।
-जितेंद्र वर्मा, सहायक रिटर्निंग ऑफीसर, बागेश्वर
निदान की प्रक्रिया

शिकायत दर्ज होने के बाद सी-विजिल कंट्रोल रूम टीम पांच मिनट के भीतर फील्ड टीम को सूचना देगी। फील्ड टीम के पास मौके पर पहुंचने के लिए 15 मिनट का समय होता है जबकि 30 मिनट के भीतर टीम को मामले की जांच और कार्रवाई कर रिपोर्ट सबमिट करनी होती है। बचे 50 मिनट के भीतर रिटर्निंग ऑफीसर के पास मामले को क्लोज करने का अधिकार होता है।

अगर वह कार्रवाई से संतुष्ट नहीं होंगे तो मामले की दोबारा जांच करवा सकते हैं। समस्या के निदान की सूचना शिकायतकर्ता को भी दी जाती है। कैसे उपयोग में लाएं एप: सी-विजिल एप को गूगल के प्लेस्टोर पर उपलब्ध है। स्मार्टफोन में एप को स्टॉल करने के बाद उपयोगकर्ता को मांगी जा रही जानकारी देनी होती है। जिसके बाद आप अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

शिकायतकर्ता चाहे तो अपनी पहचान गुप्त रखकर भी शिकायत दर्ज करा सकता है। कैसे शिकायत कर सकते हैं: सी-विजिल एप पर शिकायत करने के लिए शिकायतकर्ता को गड़बड़ी के सबूत के लिए फोटो, ऑडियो या वीडियो भेजनी होती है। संबंधित स्थान की लोकेशन भेजने के साथ ही शिकायत की पूरी जानकारी लिखकर भी उपलब्ध करा सकते हैं।

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